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    Home » UGC Regulations 2026 पर करणी सेना का विरोध, अधिसूचना को संविधान के विरुद्ध बताया
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    UGC Regulations 2026 पर करणी सेना का विरोध, अधिसूचना को संविधान के विरुद्ध बताया

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJanuary 27, 2026No Comments2 Mins Read
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    UGC Regulations 2026 पर करणी सेना का विरोध, अधिसूचना को संविधान के विरुद्ध बताया

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर  क्षत्रिय करणी सेना ने UGC Regulations, 2026 को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन के झारखंड प्रदेश सचिव कमलेश सिंह ने जारी बयान में कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में इक्विटी कमेटियों के गठन से संबंधित नई अधिसूचना संविधान की मूल भावना के अनुरूप नहीं है।

    उन्होंने बताया कि उक्त अधिसूचना के तहत सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में 90 दिनों के भीतर इक्विटी कमेटियों के गठन का प्रावधान किया गया है, जिन्हें छात्रों से जुड़ी शिकायतों की जांच का अधिकार दिया गया है। लेकिन करणी सेना का मानना है कि यह व्यवस्था संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकारों का उल्लंघन करती है।

    कमलेश सिंह ने कहा कि भारत का संविधान अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है, जबकि यह अधिसूचना केवल SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों के अधिकारों पर केंद्रित है और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों को नजरअंदाज करती है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि यह अधिसूचना समान अवसर के सिद्धांत को कमजोर करती है और संविधान की मूल संरचना के विपरीत है। किसी भी नीति का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के पक्ष में असंतुलन पैदा करना।

    करणी सेना ने केंद्र सरकार और UGC से मांग की है कि UGC Regulations, 2026 को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श के बाद संतुलित और संविधानसम्मत नीति बनाई जाए।

    UGC Regulations 2026 पर करणी सेना का विरोध अधिसूचना को संविधान के विरुद्ध बताया
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