वार्ड 12 को OBC आरक्षण पर पूर्व पार्षद विक्रम किस्कू की कड़ी आपत्ति, जिला निर्वाचन आयोग से पुनर्विचार की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता – अमन ओझा
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या 12 को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग-1) के लिए आरक्षित घोषित किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। वार्ड के पूर्व पार्षद विक्रम किस्कू ने जिला निर्वाचन आयोग, सरायकेला-खरसावां को विधिवत आपत्ति पत्र सौंपते हुए इस निर्णय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वार्ड संख्या 12 की सामाजिक एवं जनसंख्या संरचना को देखते हुए ओबीसी आरक्षण पूरी तरह से असंतुलित और तथ्यों के विपरीत है। पार्षद के अनुसार, इस वार्ड में अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी लगभग 58 प्रतिशत है, जबकि सामान्य वर्ग की जनसंख्या 25 प्रतिशत है। इसके मुकाबले ओबीसी वर्ग की जनसंख्या मात्र 12 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति (SC) की आबादी करीब 5 प्रतिशत ही है। ऐसे में ओबीसी आरक्षण लागू किया जाना न केवल जनसंख्या अनुपात के विरुद्ध है, बल्कि आरक्षण के मूल उद्देश्य और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की भावना को भी कमजोर करता है। विक्रम किस्कू ने कहा कि इस तरह का निर्णय स्थानीय सामाजिक वास्तविकताओं की अनदेखी करता है, जिससे वार्ड के बहुसंख्यक समुदायों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि वार्ड के आरक्षण का निर्धारण नवीनतम जनगणना आंकड़ों एवं निष्पक्ष सर्वेक्षण के आधार पर दोबारा किया जाए, ताकि न्यायसंगत और संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने इस आपत्ति की प्रतिलिपि मुख्य निर्वाचन आयोग, दिल्ली तथा झारखण्ड राज्य निर्वाचन आयोग, रांची को भी भेजी है। अब देखना यह होगा कि निर्वाचन आयोग इस आपत्ति पर क्या रुख अपनाता है और वार्ड संख्या 12 के आरक्षण को लेकर कोई संशोधन किया जाता है या नहीं।

