महाकाल मंदिर निर्माण में बाधा, ग्रामीणों में आक्रोश धार्मिक आस्था पर हमला बताकर कार्रवाई की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता,
गम्हरिया प्रखंड के नारायणपुर पंचायत अंतर्गत सिमलबेड़ा गांव के तिराहे पर प्रस्तावित महाकाल मंदिर के निर्माण कार्य में बाहरी लोगों द्वारा बाधा पहुंचाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। मंदिर शिलान्यास के बाद शुरू हुए प्रारंभिक कार्य में ही बाधा दिये जाने को ग्रामीणों ने धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।

ग्राम प्रधान कुरसो मुर्मू ने बताया कि 14 नवंबर को शुभ मुहूर्त में पूरे गांव की सहभागिता के साथ महाकाल मंदिर का शिलान्यास किया गया था। सिमलबेड़ा गांव में लगभग 150 परिवार रहते हैं, बावजूद इसके अब तक कोई भी सार्वजनिक पूजा स्थल उपलब्ध नहीं था। पर्व-त्योहारों और विशेष धार्मिक अवसरों पर ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को लगभग दो किलोमीटर दूर डोण्डा गांव जाना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए गांव में ही मंदिर निर्माण का सामूहिक निर्णय लिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय निवासी शांति साव एवं अन्य की शह पर ओडिशा निवासी दीपक साव और सुसारी साव ने विवादित जमीन पर मिट्टी गिराने के लिए रास्ता बनाने के उद्देश्य से मंदिर स्थल पर बनाए जा रहे स्तंभों के लिए खोदे गए गड्ढों को भर दिया। ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों द्वारा बार-बार मना किए जाने और मंदिर स्थल से छेड़छाड़ न करने के निर्देश के बावजूद संबंधित लोगों ने इसे नजरअंदाज किया।
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मौके पर मौजूद लक्ष्मण प्रसाद, छगन लाल साव, रितेश साव, गोपी टुडू, सिली टुडू, रामलाल वर्मा, हीरालाल वर्मा, शोभा महतो, दीपक वर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने इसे गांव की सामूहिक धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि शीघ्र ही एक आपात बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक अथवा कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया जाएगा।

