Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » उत्कल उत्सव में देशभर के कलाकारों की बहुरंगी प्रस्तुतियाँ, साहित्य–संस्कृति और कला चेतना का हुआ संगम
    Breaking News खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड सरायकेला-खरसावां

    उत्कल उत्सव में देशभर के कलाकारों की बहुरंगी प्रस्तुतियाँ, साहित्य–संस्कृति और कला चेतना का हुआ संगम

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarDecember 10, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    उत्कल उत्सव में देशभर के कलाकारों की बहुरंगी प्रस्तुतियाँ, साहित्य–संस्कृति और कला चेतना का हुआ संगम

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    सार्थकसंवाद जमशेदपुर और संस्कारभारती जमशेदपुर महानगर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में 4 से 8 दिसंबर तक कोणार्क, पुरी और भुवनेश्वर में पंचदिवसीय उत्कल उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड, राजस्थान, गुजरात, बिहार, उत्तराखंड, बंगाल, उड़ीसा सहित कई राज्यों के कलाकारों ने ‘कला–कलरव’ शीर्षक से अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। उत्सव की अभिकल्पना साहित्य अकादमी सम्मान प्राप्त कवयित्री सुश्री सोनी सुगन्धा द्वारा की गई।

    उत्सव के उद्घाटन सत्र में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कत्थक नृत्यांगना डॉ. अनुराधा दुबे, डॉ. नयना डेल्हीवाला तथा डॉ. बालमुकुन्द राजपुरोहित सहित कई प्रख्यात कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। मिथिला, गढ़वाल, कुमाऊँ और गुजराती लोक-संस्कृति की झलक भी सत्रों में देखने को मिली।

    कोणार्क में ‘इतिहासबोध और भविष्यदृष्टि’ पर आयोजित विशेष सत्र में डॉ. राहुल अवस्थी ने प्रभावी उद्बोधन दिया, जबकि पुरी में ‘धर्म, राष्ट्र और राष्ट्रधर्म’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। भुवनेश्वर में कोल इंडिया के चीफ़ विजिलेंस ऑफिसर श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने साहित्य में सतर्कता और प्रशासनिक संवेदना पर विशेष व्याख्यान दिया।

    उत्कल अनुज लाइब्रेरी के सहयोग से ‘पाठ, पाठक और पुस्तकालय संस्कृति’ पर हुए काव्य–विमर्श में डॉ. राहुल अवस्थी और सुश्री सोनी सुगन्धा की प्रस्तुतियों ने विशेष आकर्षण बटोरा। शाम के अनौपचारिक सत्रों में विभिन्न लोकभाषाओं और बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुति ने उत्सव को और जीवंत किया।

    उत्सव के दौरान कई रचनाकारों की पुस्तकों का लोकार्पण हुआ तथा विशिष्ट कलाकारों और साहित्यकारों को कोणार्क कलार्णव अलंकरण, प्रेरणाप्रदीप सम्मान, विद्यापति विद्योत सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए गए। अंतिम दिन राष्ट्रगीत की विशेष प्रस्तुति और आह्वान गीत ‘रसभारत’ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

    उत्कल उत्सव में देशभर के कलाकारों की बहुरंगी प्रस्तुतियाँ साहित्य–संस्कृति और कला चेतना का हुआ संगम
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकुष्ठ रोग खोज अभियान के तहत साकची शहरी कुष्ठ केंद्र में नि:शुल्क चर्म रोग जांच शिविर, 6 नए मरीज मिले
    Next Article एस्पायर मदर्स विंग्स ने विशेष बच्चों व युवाओं की प्रतिभा को दिया मंच, रंगारंग कार्यक्रम में उमड़ी तालियों की गूंज

    Related Posts

    जमशेदपुर का कुख्यात अंबे पंजाब में बना जल्लाद, भाई-भाभी की गोली मारकर हत्या

    May 14, 2026

    भगवान झूलेलाल मंदिर में अखंड पाठ का भोग,श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद

    May 13, 2026

    एग्रिको ट्रिपल मर्डर: रिश्ते, रिटायरमेंट और करोड़ों की रकम के बीच उलझती जांच

    May 13, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जमशेदपुर का कुख्यात अंबे पंजाब में बना जल्लाद, भाई-भाभी की गोली मारकर हत्या

    रुजिरा बनर्जी के दो पैन कार्ड और अलग-अलग दस्तावेजों पर पिता के नाम को लेकर विवाद

    बारामती में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट की क्रैश लैंडिंग, बाल-बाल बचा पायलट

    मौत रुलाती नहीं, ‘मोह’ रुलाता है: जीवन का कड़वा सच | राष्ट्र संवाद

    नीट-2026: मेहनत का कत्ल और जवाबदेही से बचता सिस्टम | राष्ट्र संवाद

    अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस: रिश्तों की अंतिम शरणस्थली | राष्ट्र संवाद

    राष्ट्रहित में अपील: 1967 से आज तक ‘आर्थिक अनुशासन’ का संदेश | राष्ट्र संवाद

    भगवान झूलेलाल मंदिर में अखंड पाठ का भोग,श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद

    एग्रिको ट्रिपल मर्डर: रिश्ते, रिटायरमेंट और करोड़ों की रकम के बीच उलझती जांच

    झारखंड की बदलती जनसांख्यिकी पर बोले चंपाई सोरेन, सरकार पर साधा निशाना

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.