बिना वर्दी वाली ‘थानेदारिनी’ मीनाक्षी शर्मा,खुलासों से पुलिस विभाग में हड़कंप
संदर्भ :जालौन एसएचओ अरुण राय डेथ केस
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जालौन। यूपी के जालौन जिले में तैनात इंस्पेक्टर अरुण राय की संदिग्ध मौत के मामले में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की गिरफ्तारी के बाद लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। करीबियों के रिश्ते से शुरू हुआ मामला अब ब्लैकमेलिंग, अफसरों को जाल में फंसाने और थाने में फायरिंग जैसे सनसनीखेज आरोपों तक पहुंच चुका है। मीनाक्षी को जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
घटना के समय अरुण राय के साथ थी मीनाक्षी
घटना वाले दिन अरुण राय ने अपने सरकारी आवास पर खुद को गोली मारी थी। उस समय कमरे में केवल मीनाक्षी मौजूद थी। घटना के बाद वह चिल्लाती हुई बाहर निकली, पुलिस को सूचना दी और फिर अचानक गायब हो गई। इसी आधार पर पुलिस का शक गहरा गया और पूछताछ में मिले तथ्यों के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
करीबियों से शुरू हुआ रिश्ता, तनाव की कहानी
सूत्रों के मुताबिक मीनाक्षी और अरुण राय के बीच 2024 से ही नजदीकियां थीं। हाल ही में दोनों के बीच विवाद बढ़ा था। मीनाक्षी ने मेरठ में परिवार के साथ अपना जन्मदिन मनाया, जिससे अरुण राय नाराज़ थे। 8 फरवरी 2026 को होने वाली अपनी शादी का खर्च भी वह अरुण राय से मांग रही थी। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच विवाद हुआ और उसी दौरान अरुण राय ने गोली मार ली—ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।
मीनाक्षी का काला खेल: अफसरों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग
जांच में सामने आया है कि मीनाक्षी कई पुलिस अधिकारियों, दारोगाओं और सिपाहियों को अपने जाल में फंसाती थी और बाद में ब्लैकमेल कर पैसे वसूलती थी। बरेली में तो उसके चक्कर में पुलिसकर्मियों के बीच थाने के अंदर गोलियां चल गई थीं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि उसके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें थीं, पर मामला विभाग के भीतर ही दबा दिया जाता था।
ट्रांसफर के बाद खुला दायरा, थाने में बढ़ा दबदबा
2018 में पुलिस सेवा में आने के बाद मीनाक्षी की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे। 2023 में बरेली से ट्रांसफर होकर वह जालौन पहुंची जहां कोंच कोतवाली में अरुण राय प्रभारी थे। जल्द ही वह राय के बेहद करीब आ गई। आरोप है कि वह बिना वर्दी के थाने आने लगी, महंगे कपड़े और मोबाइल इस्तेमाल करने लगी और ड्यूटी रोस्टर तक तय करने लगी।
बात जब अधिकारियों तक पहुंची तो उसे डायल-112 में भेजा गया, लेकिन अरुण राय से संपर्क जारी रहा।
पत्नी की शिकायत पर केस, परिवार खामोश
अरुण राय की पत्नी ने मीनाक्षी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। उसके परिवार वाले भी इस मामले में कुछ बोलने से बच रहे हैं।
कई और चेहरे आ सकते हैं सामने
एसआईटी जांच जारी है और माना जा रहा है कि मीनाक्षी के संपर्क में रहे कई पुलिसकर्मियों के नाम सामने आ सकते हैं। जालौन जिले में यह मामला पुलिस महकमे की बड़ी नाकामी और आंतरिक अव्यवस्था का गंभीर उदाहरण बनकर उभरा है।
मामले में पुलिस विभाग और स्थानीय प्रशासन दोनों ही उच्च स्तर पर जांच में जुटे हुए हैं।

