जादूगोड़ा में सुरक्षा मानकों की अनदेखी: सड़क किनारे लगाए जा रहे विशाल खंभों से बढ़ा हादसे का खतरा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। जादूगोड़ा मोड़ से लेकर रख कॉपर तक सड़क के किनारे 33,000 केवी लाइन ले जाने के लिए बड़े-बड़े लोहे के खंभे लगाए जा रहे हैं। यह खंभे सड़क के बिल्कुल सटे होने के कारण लगातार दुर्घटना की आशंका बढ़ा रहे हैं। साथ ही पगडंडी का रास्ता भी बंद हो रहा है, जिससे स्थानीय राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ समाजसेवी सह कांग्रेसी नेता टिकिमुखी ने बताया कि सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर दिनदहाड़े खंभे लगाए जा रहे हैं। न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है, न ही ग्राम सभा की सहमति ली गई है। जमीन मालिकों की रजामंदी बिना खंभे खड़े कर देने से लोगों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत जिला उपायुक्त से की जाएगी और खंभा लगाने पर रोक लगाने की मांग उठाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अंडरग्राउंड केबलिंग कराने की आवश्यकता बताई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बड़े-बड़े वाहनों की आवाजाही से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है और काम के दौरान अक्सर जाम की स्थिति बन जा रही है। खंभा लगाने को लेकर ठेका कंपनी के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच रोजाना बहस की नौबत आ रही है। बाहरी मजदूरों को काम पर लगाने से स्थानीय मजदूरों में भी नाराजगी है।
यूसिल की जमीन पर बिना अनुमति खंभे खड़े किए जाने से यूसीआईएल प्रबंधन भी नाराज़ है। यूसीआईएल के डीजीएम राकेश कुमार ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच होगी। उन्होंने साफ कहा कि यूसीआईएल से किसी प्रकार की एनओसी नहीं ली गई है, ऐसे में यूसीआईएल की जमीन का उपयोग कैसे किया जा रहा है, इसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
जादूगोड़ा चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने भी सड़क किनारे खंभों की स्थापना को सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि इससे न केवल दुर्घटना का जोखिम बढ़ रहा है, बल्कि वाहनों को खड़ा करने में भी परेशानी होगी और फुटपाथ पर चलने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल, लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग तेज हो गई है।

