पूर्वी सिंहभूम को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प, आदर्श सेवा संस्थान ने शुरू किया जागरूकता अभियान
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर।बाल विवाह के खिलाफ देशव्यापी लड़ाई को और मजबूत करते हुए गैरसरकारी संगठन आदर्श सेवा संस्थान ने घोषणा की है कि वह सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर एक वर्ष के भीतर पूर्वी सिंहभूम जिले को बाल विवाह मुक्त बनाएगा। यह पहल भारत सरकार के ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ से प्रेरित है, जो ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के एक वर्ष पूरे होने पर शुरू किया गया है।
संस्थान, जो जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क का सहयोगी है, बाल विवाह रोकथाम में राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रहा है और पिछले एक वर्ष में इस नेटवर्क ने एक लाख से अधिक बाल विवाह रोके हैं।
अभियान की वर्षगांठ पर आदर्श सेवा संस्थान ने जिलेभर के स्कूलों, ग्रामीण क्षेत्रों और संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए और बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई। लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई और चेताया गया कि बाल विवाह में किसी भी रूप में सहयोग करने वालों को दंड का सामना करना पड़ सकता है।
संस्थान की सचिव प्रभा जायसवाल ने कहा कि यह 100 दिवसीय अभियान बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से जिले को एक वर्ष में बाल विवाह मुक्त बनाया जाएगा।
तीन चरणों में चलने वाला यह विशेष अभियान 8 मार्च 2026, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को समाप्त होगा। पहला चरण 31 दिसंबर तक शिक्षा संस्थानों में जागरूकता पर केंद्रित रहेगा, दूसरा चरण जनवरी में धार्मिक स्थलों और विवाह सेवाओं से जुड़े लोगों पर, जबकि अंतिम चरण पंचायतों व नगर वार्डों में समुदाय-स्तर की भागीदारी पर केंद्रित होगा।

