Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » घाटशिला उपचुनाव: मुद्दे गायब, ‘बैल’ बना चुनाव का ब्रांड, नेताओं की साख दांव पर, भीतरघात से बिगड़ सकता खेल
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद राजनीति राष्ट्रीय संथाल परगना संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    घाटशिला उपचुनाव: मुद्दे गायब, ‘बैल’ बना चुनाव का ब्रांड, नेताओं की साख दांव पर, भीतरघात से बिगड़ सकता खेल

    Sponsored By: सोना देवी यूनिवर्सिटीNovember 9, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    घाटशिला उपचुनाव: मुद्दे गायब, ‘बैल’ बना चुनाव का ब्रांड,
    नेताओं की साख दांव पर, भीतरघात से बिगड़ सकता खेल

    देवानंद सिंह

    जमशेदपुर, 09 सितंबर :घाटशिला विधानसभा उपचुनाव अब पूरी तरह ‘बैल बनाम खूंटा’ की राजनीति में फंस चुका है। बेरोजगारी, पलायन, अस्पतालों की दुर्दशा और स्कूलों की हालत जैसे असली मुद्दे अब मंचों से गायब हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान “भाजपा का उम्मीदवार वही बैल है, जिसे हमने खिला-पिला कर मोटा किया था, अब जा रहा है भाजपा का खेत जोतने” ने सियासी मैदान में आग लगा दी है।

     

     

    यह टिप्पणी सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पर तंज मानी गई, जिन्होंने भावुक होकर कहा कि आंदोलन के दिनों में हमने जंगलों में रातें काटीं, गोलियां खाईं, पर इतना अपमान कभी नहीं सहा। उन्होंने पलटवार किया, “हमें बैल कहते हैं, पर खुद पार्टी में सबको खूंटे से बांधकर रखते हैं।” अब ‘बैल’ और ‘औकात’ शब्द घाटशिला की सियासत का नया नारा बन चुके हैं। जनता व्यंग्य कर रही है कि ये चुनाव है या सोनपुर मेला, जहां नेता वादों के चारे डाल रहे हैं और बैल सजे घूम रहे हैं।

     

     

    मंचों पर बयानबाजी की गूंज के बीच असली सवाल — बेरोजगारी, सड़क, अस्पताल और शिक्षा है, जो कहीं पीछे छूट गए हैं। झारखंड की राजनीति में यह उपचुनाव ‘बैल युग’ की शुरुआत माना जा रहा है, जहां मुद्दों की फसल सूख गई है और रस्सियों से बंधे खूंटों पर राजनीतिक नारे झूल रहे हैं।

     

    इस चुनाव में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू, प्रभारी अभय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आनंद गोस्वामी, सांसद विद्युत वरण महतो, हेमंत-कल्पना सोरेन और झामुमो के विधायक समीर मोहंती, संजीव सरदार, मंगल कालिंदी, कुणाल और पवन सिंह, सभी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

     

    मगर, ज़मीन पर तस्वीर अलग है। झामुमो के कुछ विधायक ऊपर से एकजुट दिख रहे हैं, पर रातों में ‘बी-टीम’ के ज़रिए भीतरघात की खबरें तेज़ हैं। उधर, भाजपा में भी डर है कि अगर, बाबूलाल सोरेन जीत गए तो कोल्हान के कई बड़े नेताओं का कद छोटा हो जाएगा।

     

    अब सवाल यह है कि घाटशिला की धरती पर कौन-सा ‘बैल’ आख़िरकार खूंटा तोड़ेगा, और कौन उसी खूंटे से बंधकर रह जाएगा। चुनावी रण में इस बार मुद्दे खेत में हैं, और बैल मंच पर।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleगुरु पूर्णिमा के दिन लंगर खाने गए युवक की बाइक चोरी, वारदात सीसीटीवी में कैद
    Next Article सीएम हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने किया रोड शो, झामुमो प्रत्याशी सुमित सोरेन की जीत का किया दावा

    Related Posts

    बोकारो में ठेका कर्मी के साथ बर्बरता, घर में घुसकर मारपीट; गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

    June 6, 2026

    उपायुक्त के निर्देश पर नवनियुक्त सहायक आचार्यों के विद्यालय आवंटन हेतु 8 एवं 9 जून को खुलेगी काउंसिलिंग

    June 6, 2026

    उथल-पुथल में पश्चिम बंगाल की राजनीति: टीएमसी की चुनौतियां

    June 6, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बोकारो में ठेका कर्मी के साथ बर्बरता, घर में घुसकर मारपीट; गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

    उपायुक्त के निर्देश पर नवनियुक्त सहायक आचार्यों के विद्यालय आवंटन हेतु 8 एवं 9 जून को खुलेगी काउंसिलिंग

    उथल-पुथल में पश्चिम बंगाल की राजनीति: टीएमसी की चुनौतियां

    झारखंड: प्रणव झा की राज्यसभा उम्मीदवारी और कांग्रेस का संदेश

    ठाणे में दर्दनाक हादसा: टैंकर ने कुचला, मौके पर मौत

    भारत में कोचिंग उद्योग: शिक्षा के बाजारीकरण का नया चेहरा

    खान सर फायरिंग प्रकरण में जांच तेज, गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार

    जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस अलर्ट

    विश्व पर्यावरण दिवस पर बागडेहरी थाना परिसर में किया गया वृक्षारोपण

    प्री-एसआईआर गतिविधि के तहत निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.