कराकट की बेटी ज्योति सिंह की चुनावी हुंकार: “अब वादा नहीं, काम होगा”
कराकट में ‘ज्योति’ जली, पवन सिंह की पत्नी ने बदली चुनावी हवा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
कराकट सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरी भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह जिस तरह लोगों से मिल रहीं हैं, उससे इस सीट पर सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, उनके प्रति सहानुभूति की लहर देखने को मिल रही है।
इसी क्रम में ज्योति सिंह ने शनिवार को एक भावनात्मक और जोशीले भाषण के साथ अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की। मंच से जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा “मेरा नाम है ज्योति सिंह। मैं कराकट की बेटी हूं, आपकी अपनी बेटी।”
ज्योति सिंह ने अपने संबोधन में विकास और ईमानदारी को चुनाव का मुख्य मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि अब वादा नहीं, काम होगा। कराकट के हर कोने में विकास की ज्योति जलेगी। उनका चुनाव चिन्ह मोती की माला है, जिसे उन्होंने कराकट की एकता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हर मोती एक परिवार, एक किसान, एक नौजवान, एक माताजी, एक बहन है। हम सब मिलकर कराकट को सशक्त और समृद्ध बनाएंगे।
अपने घोषणापत्र जैसे वादों में ज्योति सिंह ने किसानों को उचित मूल्य, युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी देने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वर्षों से कराकट केवल वादों का शिकार रहा है, अब बदलाव की ज्योति जलाने का समय आ गया है। जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार नेता नहीं, अपनी बेटी को चुनिए। मोती की माला का बटन दबाइए और कराकट की नई कहानी लिखिए।
ज्योति सिंह का यह संबोधन कराकट की राजनीतिक गलियों में नई चर्चा का विषय बन गया है। कई स्थानीय युवाओं और महिलाओं ने उनके अभियान को जनता से जुड़ा, भावनात्मक और मुद्दा-आधारित बताया है। कुल मिलाकर, कराकट में अब मुकाबला सिर्फ दलों के बीच नहीं, बल्कि जनता बनाम राजनीति की पुरानी शैली के बीच होता दिख रहा है।
बहरहाल कह सकते हैं कि अब मुकाबला केवल दलों के बीच नहीं बल्कि भावनाओं बनाम सत्ता के बीच का बन चुका है कराकट की गलियों में अब चर्चा यही है कि इस बार कोई दल नहीं बेटी की ज्योति जलेगी चर्चा है कि कराकट में ‘ज्योति’ जली, पवन सिंह की पत्नी ने बदली चुनावी हवा

