सीएम हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने घाटशिला में दिखाई चुनावी ताकत, झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन के लिए मांगा समर्थन
मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं और झारखंडी अस्मिता का किया जिक्र, कल्पना सोरेन ने दिवंगत रामदास सोरेन के अधूरे सपनों को पूरा करने की अपील की
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन के समर्थन में शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने संयुक्त रूप से जनसभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष झामुमो और झारखंड के लिए गहरा दुख लेकर आया है, क्योंकि गुरुजी शिबू सोरेन के सच्चे शिष्य मंत्री रामदास सोरेन का निधन हो गया। उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार जनता की सरकार है, जो हर पंचायत तक प्रशासन को ले जाने का कार्य कर रही है। आने वाले वर्ष में ऐसा कानून लाया जाएगा, जिससे BDO और CO जनता के घर-घर जाकर समस्याओं का समाधान करेंगे। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के संसाधनों पर कब्जा जमाने में लगी है, जबकि उनकी सरकार राज्य की जनता को प्राथमिकता देती है।
कल्पना सोरेन ने कहा कि दिवंगत रामदास सोरेन घाटशिला को झारखंड का सबसे विकसित विधानसभा बनाना चाहते थे। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई पहल की थीं, जिनमें सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और जनजातीय विश्वविद्यालय की परिकल्पना शामिल है। कल्पना सोरेन ने कहा कि रामदास सोरेन के अधूरे सपनों को साकार करने के लिए जनता सोमेश सोरेन को भारी मतों से विजयी बनाए।
सभा में राज्यसभा सांसद महुआ माजी, सांसद विजय हासंदा, विधायक मथुरा महतो, सविता महतो और मंत्री दीपक बिरुआ सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भावनात्मक रूप से वोटरों को जोड़ने का किया प्रयास
अलग राज्य की लड़ाई, झारखण्ड आंदोलन, देश का ऐतिहासिक आंदोलन रहा है। झारखण्ड राज्य हमें कोई भीख में नहीं मिला, इसे लड़कर लिया गया। आपको याद होगा आंदोलन के समय “कैसे लेंगे झारखण्ड, लड़ के लेंगे झारखण्ड” का नारा गूंजता था। आंदोलन में न जाने कितनी महिलाओं की मांग का सिंदूर उजड़ गया, न जाने कितने बच्चे अनाथ हो गए, न जाने कितने लोग अपने आप को कुर्बान कर दिए, तब हमें यह राज्य मिला।

