राखा माइन्स स्टेशन पर उत्कल एक्सप्रेस ठहराव और सड़क निर्माण की मांग को लेकर 30 वर्षों से संघर्षरत समाजसेवी विजय भगत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा क्षेत्र के समाजसेवी एवं राखा कॉपर के पूर्व कर्मी विजय भगत पिछले 30 वर्षों से राखा माइन्स स्टेशन पर उत्कल एक्सप्रेस के ठहराव और राखा माइन्स से लिपू घुटु तक जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर निरंतर आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में रेल मंत्रालय, रेल अधिकारियों एवं सांसद विद्युत वरण महतो को कई बार पत्र और ज्ञापन सौंपे गए हैं, साथ ही धरना एवं हस्ताक्षर अभियान भी चलाए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
विजय भगत ने कहा कि उत्कल एक्सप्रेस के ठहराव से जादूगोड़ा और आसपास के ग्रामीणों को दिल्ली एवं उड़ीसा जाने में सुविधा होगी, विशेषकर इलाज और विद्यार्थियों की यात्रा में राहत मिलेगी। फिलहाल यात्रियों को टाटानगर या घाटशिला जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि राखा माइन्स से लिपू घुटु तक की सड़क बेहद जर्जर है, जिससे आसपास के 10 गांवों का विकास प्रभावित हो रहा है। लंबे संघर्ष के बावजूद मांग पूरी न होने पर उन्होंने निराशा जताई और कहा कि वे जल्द ही फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य अनिल अग्रवाल ने भी विजय भगत की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उत्कल एक्सप्रेस ठहराव का मुद्दा तीन दशक से लंबित है, जिसे शीघ्र हल किया जाना चाहिए।

