घाटशिला उप निर्वाचन 2025 : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
मतदान केंद्रों पर बिजली, पानी, रैंप जैसी सभी एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी सुनिश्चित करने का निर्देश
मतदाताओं के साथ सहृदय व्यवहार रखें, सभी कोषांगों में दिशा–निर्देशों का अक्षरशः पालन करें – के. रवि कुमार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
घाटशिला। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि घाटशिला विधानसभा उप निर्वाचन 2025 के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र को मॉडल बूथ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशा–निर्देशों के अनुरूप सभी एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी (AMF) — जैसे बिजली, पानी, रैंप, शौचालय, प्रतीक्षालय आदि — की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्री रवि कुमार घाटशिला अनुमंडल सभागार में 45–घाटशिला (अ.ज.जा.) विधानसभा उप निर्वाचन की तैयारी को लेकर वरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में जीरो एरर के साथ कार्य करना है। चुनाव से संबंधित प्रत्येक कार्य के लिए आयोग द्वारा विस्तृत मॉड्यूल और एसओपी तैयार किए गए हैं। सभी पदाधिकारी इनका अक्षरशः अनुपालन करते हुए अपने कार्यों को ससमय संपन्न करें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक त्रुटिरहित एवं सुचारू बनाने के लिए पदाधिकारियों को आयोग द्वारा तय दिशा–निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके लिए सोशल मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्या करें और क्या न करें की जानकारी साझा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की उम्र 85 वर्ष से अधिक है या दिव्यांग मतदाता हैं, उन्हें घर से मतदान (Postal Ballot/Home Voting) की सुविधा दी जाए। इच्छुक मतदाता ECInet या सक्षम ऐप के माध्यम से या बीएलओ के जरिए अपनी इच्छा व्यक्त कर सकते हैं। वहीं जो वरिष्ठ नागरिक या दिव्यांग मतदाता मतदान केंद्र पर जाकर मतदान करना चाहते हैं, उनके लिए वाहन, व्हीलचेयर, रैंप और वॉलेंटियर की व्यवस्था अवश्य की जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आयोग ने ईवीएम पर लगने वाले मतपत्रों में बदलाव किया है — अब उम्मीदवारों के रंगीन फोटो, नाम एवं क्रम संख्या बड़े अक्षरों में अंकित होंगे। सभी संबंधित अधिकारी इस दिशा में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्य करें।
श्री रवि कुमार ने कहा कि स्वीप कार्यक्रम (SVEEP) का उद्देश्य मतदाताओं को शिक्षित एवं प्रेरित करते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाना है। इसलिए पूर्व के चुनावों में कम मतदान प्रतिशत वाले केंद्रों को चिह्नित कर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।
बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उप निर्वाचन की तैयारियों से जुड़े सभी कोषांगों की समीक्षा की — जिनमें इलेक्शन पर्सनल ट्रेनिंग, एएमएफ, वेबकास्टिंग, लॉ एंड ऑर्डर, स्वीप एक्टिविटी, स्ट्रांग रूम, आईटी एप्लिकेशन और ECInet शामिल थे।
उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी चेकपोस्टों की सघन निगरानी की जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों, नकद लेनदेन और आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर आईजी ऑपरेशन झारखंड श्री माइकल राज, जिला निर्वाचन पदाधिकारी–सह–उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी, डीआईजी श्री धनंजय कुमार, डीआईजी पुलिस मुख्यालय श्री अश्विन कुमार, डीआईजी कोल्हान श्री अनुरंजन किस्पोट्टा, एसएसपी पूर्वी सिंहभूम श्री पीयूष पांडेय, ग्रामीण एसपी श्री ऋषभ गर्ग, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, श्री देव दास दत्ता, तथा घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन आपदाधिकारी सहित विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे

