वन विभाग पर मनमानी का आरोप, बिना ग्रामसभा अनुमति के हुआ ‘रन फॉर गजराज’ कार्यक्रम
दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच (कोल्हान) के सह सचिव डॉ. सत्य नारायण मुर्मू ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग द्वारा बिना ग्रामसभा की अनुमति के “रन फॉर गजराज” जैसा बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि वन विभाग लगातार ईको सेंसिटिव जोन के नियमों की अनदेखी कर मनमानी कर रहा है।
डॉ. मुर्मू ने कहा कि इस कार्यक्रम में झारखंड राज्य के अलावा पड़ोसी राज्यों के प्रतिभागियों को भी भाग लेने की अनुमति दी गई, जिससे स्थानीय युवाओं के उत्साह पर पानी फिर गया। उन्होंने कहा कि “यदि दलमा क्षेत्र के 135 गांवों के युवाओं को ही भाग लेने की अनुमति दी जाती, तो यह प्रतियोगिता हमारे क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक होती और स्थानीय प्रतिभा को पहचान मिलती।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “जब ग्रामीण क्षेत्रों में फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित होते हैं, तो बाहरी खिलाड़ियों को अनुमति नहीं दी जाती, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को अवसर मिल सके। लेकिन वन विभाग ने इस बार बाहरी प्रतिभागियों को प्राथमिकता देकर स्थानीय युवाओं की अनदेखी की है।”
डॉ. मुर्मू ने सवाल उठाया कि वन विभाग ईको सेंसिटिव जोन के नाम पर ग्रामीणों को तो लगातार परेशान करता है, लेकिन खुद नियमों का पालन नहीं करता। उन्होंने कहा कि “क्या विभाग छत्तीसगढ़ के हसदेव या झारखंड के सारंडा जंगल की तरह दलमा क्षेत्र को भी अगला लक्ष्य बना रहा है?”
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वन विभाग की यह मनमानी जारी रही, तो बहुत जल्द दलमा क्षेत्र के ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

