विकसित भारत @ 2047 : सामूहिक प्रयास से ही संभव लक्ष्य : कुणाल षाड़ंगी
सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ, 25 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
घाटशिला। सोना देवी विश्वविद्यालय के विवेकानंद ऑडिटोरियम में “विकसित भारत @ 2047” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। सेमिनार में देश के विभिन्न शिक्षाविदों, शोधार्थियों और समाजसेवियों ने भाग लिया।
कुलपति डॉ. जे.पी. मिश्रा ने कहा कि “जितना शोध करेंगे, उतना आगे बढ़ेंगे।” उन्होंने दिशोम गुरू शिबू सोरेन और स्व. रामदास सोरेन को याद करते हुए शिक्षा व विकास के सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर बल दिया।
मुख्य वक्ता कोऑपरेटिव कॉलेज जमशेदपुर के प्राचार्य प्रो. डॉ. अमर सिंह ने कहा कि भारत को विकसित बनाने के लिए आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में ठोस पहल करनी होगी। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण, एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और वैश्विक परिस्थितियों (रूस-यूक्रेन युद्ध, टैरिफ वार आदि) को समझने पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि श्री कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि “सामूहिक प्रयास से ही विकसित भारत 2047 का सपना पूरा हो सकता है।” उन्होंने व्यक्तिगत जिम्मेदारी, समय प्रबंधन, लैंगिक समानता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को भारत के विकास की कुंजी बताया।
कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने कहा कि विकास का लक्ष्य सर्व-समावेशी होना चाहिए। उन्होंने मेड इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आधुनिक परिवहन व डिजिटल अवसंरचना के तेजी से विकास की आवश्यकता बताई।सेमिनार में शोधार्थियों ने 25 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए।

