एचसीएल-आईसीसी मऊभंडार स्मेल्टर प्लांट चालू कराने की मांग पर सांसद विद्युतवरण महतो संग मजदूर नेताओं ने केंद्रीय खान मंत्री से की मुलाकात
राष्ट्र संवाद संवाददाता
घाटशिला। सांसद विद्युतवरण महतो के नेतृत्व में ताम्र मजदूरों और पंचायत प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए एचसीएल-आईसीसी मऊभंडार स्मेल्टर प्लांट को पुनः चालू कराने की मांग की।

मजदूर नेताओं ने बताया कि दिसंबर 2019 से प्लांट बंद होने के कारण बड़ी संख्या में ठेका मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। टाउनशिप वीरान हो रहे हैं और व्यापार प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि मऊभंडार प्लांट कॉपर के साथ गोल्ड, सिल्वर, निकेल, सल्फ्यूरिक एसिड, कोबाल्ट, ग्रास समेत दर्जनभर से ज्यादा बहुमूल्य धातुओं का उत्पादन करता था। इसे दोबारा शुरू करने से रोजगार के साथ-साथ देश को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

सांसद प्रतिनिधि दिनेश साव ने कहा कि आज प्राइवेट कंपनियों में स्मेल्टर प्लांट लगाने की होड़ है, जबकि एचसीएल-आईसीसी के पास वर्षों से स्थापित स्मेल्टर प्लांट बंद पड़ा है। यहां पानी, बिजली, सड़क, रेल और जलमार्ग की बेहतरीन सुविधा मौजूद है।

सांसद विद्युतवरण महतो ने भी मंत्री से आग्रह किया कि मऊभंडार प्लांट के साथ-साथ किशनगढ़िया, पाथरगोड़ा और धोबनी माइंस को भी चालू किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरदा माइंस चालू हो चुका है, वहीं राखा कॉपर और चापड़ी माइंस को पर्यावरणीय स्वीकृति मिल गई है। आने वाले वर्षों में कॉपर अयस्क का बड़ा उत्पादन संभव है और इसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए।

केंद्रीय खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए अपने सचिव से मऊभंडार प्लांट और माइंस से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।


