कुलडीहा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का खेल जारी, अमीरों पर कार्रवाई से बच रहा अंचल विभाग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:पोटका प्रखंड
पोटका प्रखंड के कुलडीहा पंचायत अंतर्गत कुलडीहा मौजा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंचल विभाग की लापरवाही के कारण यहां सरकारी जमीन की खुलेआम खरीद-बिक्री जारी है। दिखावे के लिए गरीबों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि अमीर और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन मौन साधे बैठा है।

26 अप्रैल को खाता संख्या 395 और प्लॉट संख्या 436 पर बने 280 वर्ग फीट के एस्बेस्टस और पुआल से बने घर को सीओ पोटका की उपस्थिति में बुलडोजर से तोड़ा गया। वह घर एक गरीब व्यक्ति का था। लेकिन उसके बगल में बने निमाई भगत और उपानंद भगत के पक्के घरों को नहीं तोड़ा गया। विरोध के बाद इन दोनों को दो माह पूर्व नोटिस जारी किया गया, लेकिन 6 मई तक जवाब देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि उपानंद भगत सरकारी शिक्षक हैं और निमाई भगत भी आर्थिक रूप से सक्षम हैं। दोनों ने भूदान से संबंधित कागज दिखाकर बचाव किया।

इसके अलावा, 2 जनवरी 2025 को सीओ पोटका ने खाता संख्या 395 और प्लॉट संख्या 418 पर अतिक्रमण करने वाले रमेश दास और शिशिर पात्रो को नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि 15 दिनों में कब्जा नहीं हटाया गया तो धारा 188 आईपीसी के तहत कार्रवाई होगी। इसके बावजूद केवल शिशिर पात्रो के घर को तोड़ा गया, जबकि रमेश दास का पक्का घर जस का तस खड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, जब रमेश दास का घर प्लिंथ लेवल से बन रहा था, तब अंचल विभाग ने चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद घर बन गया और आज वहां लाखों रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक की दुकान भी चल रही है।

कुलडीहा में करीब 37 एकड़ सरकारी जमीन की प्लॉटिंग कर बेची जा चुकी है। इस मामले में जीपीएल बाद भी दायर किया गया था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दो गरीबों की संरचना तोड़ी गई।
सीओ पोटका निकिता वाला ने बताया कि कुलडीहा अतिक्रमण मामले में जेपीएलई के तहत मामला दर्ज किया गया है। कुछ अतिक्रमणकारियों ने भूदान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, जबकि एक ने हाई कोर्ट में अपील की है। फिलहाल, कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

इधर, सरकारी जमीन की अवैध बिक्री और कब्जे के मामलों में झारखंड सरकार की खुफिया विभाग ने भी सक्रियता दिखाई है। खुफिया विभाग ने भू-माफियाओं की सूची तैयार कर डीसी और एसएसपी को रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में शामिल प्रमुख भू-माफिया हैं — तारिणी गोप, दुलाल भगत, आर.के. बिल्डर, असित महाकुड, अनुपम गिरी और प्रवीण गोस्वामी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन गरीबों पर तो बुलडोजर चलाता है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से परहेज करता है। सवाल यह है कि कुलडीहा की सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले 70 से अधिक अमीर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई कब होगी।

