चाचा ने ही रचा अपहरण और हत्या का षड्यंत्र, हुरलुंग ब्रिज के नीचे मिला शव
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर।बिरसानगर जोन नंबर-11 रोड नंबर-4 निवासी कृष्णा महतो (31) की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कृष्णा का अपहरण और हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके चाचा राजेश महतो ने अपने साथियों के साथ मिलकर किया था।

12 अगस्त की रात बिरसानगर गणेश मंदिर के पास से कृष्णा का अपहरण किया गया। उसकी बाइक 15 अगस्त को लावारिस हालत में मिली, जिसके बाद बड़े भाई प्रकाश महतो ने थाना में अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई।

16 अगस्त को पुलिस ने गोताखोरों की मदद से जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के हुरलुंग ब्रिज के नीचे स्वर्णरेखा नदी से कृष्णा का शव बरामद किया। शव के हाथ-पैर बंधे थे, जिससे साफ हो गया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।

बिरसा नगर थाना प्रभारी अमित चौधरी की तत्परता और छापामारी टीम सक्रियता से आरोपी राजेश महतो और उसका साथी मुकेश मुर्मू गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि कृष्णा महतो का हाथ-पैर बांधकर नदी में फेंका गया था। उन्होंने अपने तीसरे साथी आसिफ अंसारी का भी नाम उजागर किया, जिसने हत्या में उनकी मदद की।

थाना प्रभारी अमित चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि मृतक कृष्णा महतो ने अपने चाचा की पत्नी का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था और उसके जरिए ब्लैकमेल कर रहा था। राजेश महतो ने इससे तंग आकर अपने साथियों के साथ मिलकर कृष्णा की हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने भी से स्वीकार किया है बिरसानगर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस सनसनीखेज खुलासे से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।


