बागडेहरी थाना मुख्यालय के सामने गुरुजी की आदमकद प्रतिमा स्थापित हो: आंदोलनकारी बाबुधन टुडू
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: 1988 में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ मिलकर आंदोलन की राह पकड़ने वाले झामुमो के पुराने कार्यकर्ता बाबुधन टुडू ने अब एक विशेष मांग उठाई है। बाबुधन टुडू, जो नाला विधानसभा क्षेत्र के बागडेहरी पंचायत अंतर्गत चकबकसीसपुर गांव के निवासी हैं, ने जिला प्रशासन और झारखंड सरकार से आग्रह किया है कि बागडेही थाना मुख्यालय के सामने शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए। उनका कहना है कि दिशोम गुरु ने झारखंडी अस्मिता और अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया, इसलिए उनकी स्मृति में यह कदम जरूरी है।
बाबुधन टुडू बताते हैं कि उन्होंने 1994 में झारखंड अलग राज्य की मांग के समर्थन में आंदोलन किया और उस दौरान जेल भी गए। उस समय वे कुंडहित प्रखंड के झामुमो प्रखंड सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके अनुसार, शिबू सोरेन जैसे नेताओं के त्याग और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।
वे याद करते हैं कि 1988 से झारखंड राज्य के गठन तक, उन्होंने दिशोम गुरु के नेतृत्व में कई आंदोलनों में भाग लिया। बाबुधन का मानना है कि आदमकद प्रतिमा न केवल श्रद्धांजलि होगी, बल्कि यह झारखंड आंदोलन के गौरवशाली इतिहास की याद भी दिलाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मांग को गंभीरता से लेकर शीघ्र निर्णय करेगी, जिससे क्षेत्र के लोग अपने प्रिय नेता के योगदान को सहेज कर रख सकें।

