गोपाल मैदान में डीसी ऑफिस निर्माण प्रस्ताव पर जताई आपत्ति, नागरिकों से ‘#SaveGopalMaidan’ से जुड़ने की अपील
कमल किशोर अग्रवाल और संदीप मुरारका ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जताई चिंता
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर:गोपाल मैदान (पूर्व में रीगल ग्राउंड) को उपायुक्त कार्यालय निर्माण के लिए प्रस्तावित किए जाने पर वरिष्ठ समाजसेवी कमल किशोर अग्रवाल और संदीप मुरारका ने गहरी आपत्ति जताते हुए इसे शहर की सांस्कृतिक आत्मा पर आघात करार दिया है।

संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि गोपाल मैदान सिर्फ एक हरा-भरा मैदान नहीं, बल्कि जमशेदपुर की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का प्रतीक स्थल है। यहां गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, टुसू मेला, फूल प्रदर्शनी, कवि सम्मेलन और ‘संवाद’ जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन होते रहे हैं।

उन्होंने शहीद वी. जी. गोपाल की स्मृति को समर्पित इस ऐतिहासिक मैदान को संरक्षित रखने की मांग करते हुए कहा कि यदि यहां प्रशासनिक भवन बना, तो शहर की हरियाली, खुली सांस्कृतिक जगह, यातायात व्यवस्था और शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कमल किशोर अग्रवाल ने सवाल उठाया, “ऐसे युवा और दूरदर्शी उपायुक्त को इस ऐतिहासिक मैदान को प्रस्तावित स्थलों में शामिल करने की सलाह आखिर किसने दी?”

संदीप मुरारका ने उपायुक्त से प्रस्तावित सूची से गोपाल मैदान का नाम हटाने की अपील करते हुए कहा कि जनभावनाओं का सम्मान ही सच्चा प्रशासनिक नेतृत्व है। दोनों समाजसेवियों ने आम नागरिकों से #SaveGopalMaidan’ अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह मैदान हमारी स्मृति, पीढ़ियों की भावनाओं और अभिव्यक्ति का स्थान है, जिसे बचाना हम सबका दायित्व है।

