भगवान जगन्नाथ प्रभु15 दिन तक बीमार होकर एकांतवास में , 27 जून से शुरु होगी भव्य रथयात्रा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर साकची में स्नान पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का स्नान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया गया, आज से प्रभु15 दिन तक बीमार होकर एकांतवास में रहेंगे। इसके बाद 27 जून से शुरु होगी भव्य रथयात्रा.।
वंहू महा स्नान, जिसे देवस्नान कहते हैं, इसके बाद भगवान बीमार हो जाते हैं। इसलिए ज्वर होने के कारण उन्हें एकांत वास या अनवसर वास में भेज दिया जाता है। जहां बैद्य जी भी आकर उन्हें दवा देते हैं। इस दौरान इस स्थान पर कोई प्रवेश नहीं कर सकता है। जंहा भगवान जगरनाथ के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। कुछ ही सेवक और वैद्य भगवान की सेवा करते हैं। इस दौरान भगवान जगन्नाथ को श्वेत सूती वस्त्र पहनाया जाता हैं, आभूषण हटा दिए जाते हैं और आहार में केवल फल, जूस और दलिया और जड़ी बूटी दी जाती है, इधर जमशेदपुर के साकची स्थित अग्रसेन भवन मे भगवान जगरनाथ की आज स्नान पूर्णिमा के मौके पर भगवान जगन्नाथ का स्नान किया गया, काफी संख्या मे श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पास के ही जलाशय से कलश में जल भरकर यंहा पहुंची,इस पवित्र जल से पुरोहितों ने भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का स्न्नान करवाया, बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और भगवान जगन्नाथ की आराधना कर उनसे अपने परिवार परिजनों के सुख समृद्धि की कामना की

