राजा कालिंदी ने यूसिल सी एम डी के पी ए सुरोजित दास पर लगाया गंभीर आरोप
राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के SC मोर्चा के कोल्हान मंडल के अध्यक्ष
राजा कालिंदी ने यूसिल सी एम डी के पी ए सुरोजित दास पर गंभीर आरोप लगा कर इसकी शिकायत देश के राष्ट्र पति और पी एम ओ कार्यालय तक किया हे उन्होंने यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सीएमडी के निजी सचिव सुरोजीत दास की विजिलेंस जांच चल रहा था ।इसको लेकर आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में यूसील के एक पूर्व अधिकारी ने सीबीसी में शिकायत दर्ज कराई है। इसकी जांच डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी के सतर्कता अधिकारी के द्वारा की जा रही था ।
शिकायत 29 मार्च 2023 को की गई थी, शिकायत का क्रमांक संख्या 11862/2023 है। यूसील के इतिहास में पहली बार किसी सीएमडी के पीए पर इस प्रकार की शिकायत दर्ज कर
इसकी जांच की जा रही है। आय से अधिक नगद राशि को अपने आयकर रिटर्न-2011 में छिपाने के कारण सीएमडी के निजी सचिव सुरोजित पर आरटीआई कार्यकर्ता ने सूचना अधिकारी से जनकारी भी मांगी था।
सुरोजित दास के द्वारा 8 अप्रैल 2011 को जादूगोड़ा थाना में चिटफंड किंग कमल सिंह को 2011 में 15 लाख रूपए कर्ज के रूप में घर बनाने के लिए देने की बात कबूली थी। जिसमें 6 लाख १० हजार रूपए नगद दिए जाने की बात कहीं गई है। दर्ज एफआईआर के मुताबिक सुरोजीत दास ने इस रकम की बारे में कबूला है।
अपनी पास रखी हुई नगद राशि को आयकर रिटर्न में दिखाना अनिवार्य होता है। इतनी भारी मात्रा में जमा किया गया नगद राशि का स्रोत क्या है। चूकी सरोजित दास सीएमडी के निजी सचिव के नाते लंबे अरसे से है क्या उन्होंने अपना पद और पावर का दुरपयोग किया है। एक संवेदनशील पद पर लंबे समय तक रहना किस नियम के तहत है। सुरोजित के निजी संपत्ति और आय की जांच की भी मांग की गई है। जिसको लेकर आयकर विभाग को भी शिकायत की गई है।
इनके खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोप लगाया था कि, उन्होंने अपना पावर का अनुचित लाभ उठाते हुए अपने कार्यालय के सहकर्मी के तुलना में बार बार जल्दी प्रमोशन लेने का फायदा भी उठाया। ऐसा यूसील के कई अधिकारियों का कहना हैं। सुरोजित जब से सीएमडी का निजी सचिव जैसे पद पर हैं तब से उन्होंने अपने अनेक रिश्तेदारों को भी यूसील में नौकरी पर रखावा दिया हैं, इसकी भी जांच की मांग की गई था। जिस समय इस रकम का विवरण दिया गया था, ठीक उसी समय सुरोजीत दास के भाई गोपीनाथ दास भी 56 लाख रूपए के ओवर टाइम और यात्रा घोटाला में पकड़े गए थे। इस मामले में गोपीनाथ दास को सीबीआई ने पकड़ कर जेल भी भेजा था। इसी मामले में सीएमडी के पीए सुरोजीत दास के एक और भाई नरवा में कार्यरत सुकांती दास भी घोटाला में शामिल थे।
यूसीएल में भ्रष्टाचार जोर-जोर से बढ़ रहा है कई अधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में फंसे हुए हैं और 15 से 20 साल से कई अधिकार एक ही पद पर टिके हुए हैं जिसके कारण ये सारा खेल चल रहा है । इसके ऊपर अभिलंब करवाई करवाया जाए ।
यूसिल मै अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को
प्रमोशन नहीं दिया जा रहा है यूसिल प्रबंधक द्वारा भेद भाव किया जा रहा है । एवं यूसिल के निजी सिक्योरिटी गार्ड के द्वारा अनुसूचित जन जाति के होम गार्ड महिलाओं के साथ भी
अभद्र व्यवहार किया जा रहा है । समय रहते हुए तुरंत करवाई करे अन्यथा यूसिल का किया जाएगा हुड़क जम ।

