Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » भारत से आने वाले मुस्लिम शरणार्थियों को नहीं देंगे जगह: पाक पीएम इमरान
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    भारत से आने वाले मुस्लिम शरणार्थियों को नहीं देंगे जगह: पाक पीएम इमरान

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 18, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली: अपने देश की परेशानियों पर आंखें बंद कर बैठे पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने भारत सरकार के इस फैसले को दुनिया में आने वाले संकट की वजह बताया है. उन्होंने कहा कि इस कानून के कारण लाखों मुस्लिमों को भारत छोड़ना पड़ेगा और यह इस प्रकार की शरणार्थी समस्या होगी जिसके आगे दुनिया की सारी समस्याएं छोटी लगेंगी.स्विटजरलैंड के जेनेवा में आयोजित ग्लोबल फॉरम ऑफ रेफ्यूजी’ में बोलते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत में एक नागरिकता कानून को लागू किया गया है, जिसकी वजह से भारत के लाखों मुसलमान को देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा, इससे एक ऐसा शरणार्थी संकट पैदा होगा, जिसके आगे दुनिया के अन्य संकट छोटे लगेंगे.उन्होंने कहा कि इस शरणार्थी संकट की वजह से दक्षिण एशिया के दो परमाणु संपन्न देशों के बीच विवाद भी हो सकता है. इस मुद्दे को लेकर दूसरे देशों से आग्रह करते हुए इमरान ने कहा कि पाकिस्तान विवादित कश्मीर में भारत द्वारा लगाए गए कर्फ्यू के मद्देनजर भारत से आने वाले अधिक शरणार्थियों को स्थान नहीं देगा.पीएम मोदी ने पिछले दिनों नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने के फैसले को सही करार दिया है. बता दें कि इस कानून के तहत भारत के तीन मुस्लमान आबादी वाले देशों, पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश और अफगानिस्‍तान से आने वाले गैर-मुसलमान शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी. हिंदूओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के ऐसे लोग जिन्‍हें धर्म की वजह से मुश्किलें झेलने को मजबूर होना पड़ता है उन्‍हें नागरिकता मिलेगी. नए नियम के बाद भारत में छह साल तक भारत में रहने वाले शरणार्थी कानूनी तौर पर भारत की नागरिकता हासिल कर सकेंगे.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleभारत की कूटनीतिक जीत, UNSC में चीन को वापस लेना पड़ा कश्मीर पर चर्चा वाला प्रस्ताव
    Next Article 24 घंटे NEFT सुविधा देने वाला अकेला एप बना Paytm

    Related Posts

    यूसीआईएल की रोटेशन नीति पर उठे सवाल, संवेदनशील पदों पर वर्षों से जमे अधिकारियों को लेकर चर्चा तेज

    May 30, 2026

    पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात

    May 30, 2026

    जुगसलाई अग्निकांड ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

    May 30, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    नारी –एक अनुपम शक्ति

    खुशियां अधूरी: सब कुछ होकर भी क्यों खाली हाथ?

    हिंदी पत्रकारिता: चुनौतियों का यथार्थ और आँकड़ों का संग्राम

    छात्रों को चाहिए भरोसा, नहीं भाषण: शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    यूसीआईएल की रोटेशन नीति पर उठे सवाल, संवेदनशील पदों पर वर्षों से जमे अधिकारियों को लेकर चर्चा तेज

    पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात

    जुगसलाई अग्निकांड ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

    धर्मांतरण के खिलाफ फिर मुखर हुए चंपाई सोरेन, उठाई संवैधानिक बदलाव की मांग

    मुख्यमंत्री से मिलीं विधायक सविता महतो, चार पुलों के निर्माण की उठाई मांग

    पूर्व एसडीओ विकास राय को भावभीनी विदाई, नए एसडीओ नितिन शिवम गुप्ता ने उज्वल भविष्य की कामना

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.