भारत भूकंप से तबाह म्यांमा को पुनर्निर्माण में मदद करेगा: भारतीय राजदूत
म्यांमा में भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने कहा है कि देश में आए भीषण भूकंप से तबाह हुए बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्निर्माण में भारत उसकी मदद करेगा। इस भूकंप में 3,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
म्यांमा में भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया कि रखाइन राज्य में महामुनि पैगोडा, मांडले महल, मांडले में इरावदी नदी पर बने यू बेइन ब्रिज, राष्ट्रीय संग्रहालय और राजधानी नेपीता में सरकारी भवनों जैसे प्रतिष्ठित स्थलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
राजदूत ने कहा, ‘‘म्यांमा, भारत से समर्थन और विकासात्मक सहायता की अपेक्षा करेगा और हम उनकी आवश्यकताओं पर चर्चा करेंगे तथा उनका आकलन करेंगे। लेकिन मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि हम पुनर्वास और पुनर्निर्माण दोनों चरणों में म्यांमा के साथ बहुत निकटता से जुड़े रहेंगे। उन्होंने इसी के साथ भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीतियों के तहत म्यांमा के महत्व को रेखांकित किया।
ठाकुर ने कहा, ‘‘आगे बढ़ते हुए, भारत न केवल तात्कालिक चरण में बल्कि पुनर्वास और पुनर्निर्माण चरण में भी म्यांमा का सहयोग करने को प्रतिबद्ध है। म्यांमा में भूकंप से भारी तबाही हुई है, विशेषतौर पर सागाइंग और मांडले जैसे मध्य क्षेत्रों में अधिक नुकसान हुआ है और कई पुल ढह गए हैं।
ठाकुर ने रेखांकित किया, ‘‘मांडले से लेकर सागाइंग क्षेत्र तक का सम्पूर्ण संपर्क प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत, म्यांमा के साथ मिलकर जरूरतों का आकलन करेगा और विस्तृत योजनाओं पर चर्चा करेगा, जिससे बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्निर्माण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण सुनिश्चित हो सके।
भारत के राजदूत ने कहा, ‘‘हमारे पास अहम और रणनीतिक महत्व की परियोजनाएं हैं जिनमें कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट परियोजना और भारत-म्यांमा-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना शामिल है।’’
कलादान परियोजना का उद्देश्य भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को म्यांमा के सित्तवे बंदरगाह से जोड़ने वाला एक बहु-मॉडल पारगमन गलियारा तैयार करना है। इसके साथ भारत, म्यांमा और थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग, तीनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने के लिए भारत समर्थित योजना है।
ठाकुर ने कहा कि अनुदान, ऋण और क्षमता निर्माण के माध्यम से समर्थित यह पहल दोनों देशों के बीच ‘‘बहुत ठोस विकास साझेदारी’’ का आधार हैं। भारत तत्काल बचाव और राहत प्रयासों से परे जाकर म्यांमा की मदद कर रहा है, जिसके तहत अब तक खाद्यान्न, दवाइयां और आपातकालीन आपूर्ति सहित 1000 टन से अधिक सहायता यहां पहुंचाई जा चुकी है।
राजदूत ने भूकंप के बाद भारत की सहायता के प्रति म्यांमा के अधिकारियों और लोगों की त्वरित और सहयोगी प्रतिक्रिया की भी प्रशंसा की। ठाकुर ने कहा, ‘‘हमें शीघ्र मंजूरी और त्वरित आधार पर पुष्टि मिली।’’ उन्होंने इस सहयोग को ‘‘दोनों देशों के बहुत करीबी संबंधों का प्रमाण’’ बताया।
राजदूत ने कहा कि म्यांमा में चल रहे आंतरिक संघर्षों के बावजूद, भारत के प्रयासों को सभी क्षेत्रों, कस्बों और राजनीतिक धड़ों से समर्थन मिल रहा है। म्यांमा में 28 मार्च को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया जिससे 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए, लगभग 5,000 लोग घायल हुए हैं और देशभर में 370 से ज्यादा लोग लापता हैं।