Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या 66 करोड़ के पार
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश खबरीलाल राष्ट्रीय

    महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या 66 करोड़ के पार

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 26, 2025No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या 66 करोड़ के पार
    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    महाकुंभ नगर :महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का अंतिम स्नान पर्व बुधवार को ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष के साथ प्रारंभ हुआ और तड़के से ही श्रद्धालुओं का गंगा और संगम में डुबकी लगाना जारी है। शाम चार बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान के साथ महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या 66 करोड़ पार कर गई। मेला प्रशासन ने स्नानार्थियों पर गुलाब की 120 क्विंटल पंखुड़ियों की वर्षा कराई।

    अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को शाम चार बजे तक 1.32 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इसके साथ महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या बुधवार शाम चार बजे तक 66.09 करोड़ पहुंच गई।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाशिवरात्रि पर लोगों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महाकुंभ 2025, प्रयागराज में भगवान भोलेनाथ की उपासना को समर्पित महाशिवरात्रि के पावन स्नान पर्व पर आज त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पधारे सभी पूज्य साधु संतों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन।’’

     

     

     

    उन्होंने कहा, ‘‘त्रिभुवनपति भगवान शिव और पुण्य सलिला मां गंगा सभी का कल्याण करें, यही प्रार्थना है। हर हर महादेव।’’

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व पर तड़के चार बजे से ही व्यवस्था की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष में पहुंच गए। गोरखपुर प्रवास के चलते उनके लिए गोरखनाथ मंदिर में ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां वह स्नान पर्व पर पल-पल की निगरानी करते नजर आए।

    ‘पुष्प वर्षा’ के प्रभारी वी के सिंह ने बताया कि स्नानार्थियों पर हर बार गुलाब की 20 क्विंटल पंखुड़ियों की वर्षा कराई गई और कुल 120 क्विंटल पंखुड़ियों की पुष्प वर्षा कराई गई है। उन्होंने बताया कि पहले दौर में सुबह आठ बजे पुष्प वर्षा कराई गई तथा सभी घाटों पर छह बार पुष्प वर्षा कराई गई।

    प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होने वाले महाकुंभ में पहला स्नान पर्व 13 जनवरी को हुआ था। आज अंतिम स्नान पर्व है और महाशिवरात्रि पर ब्रह्ममुहूर्त से ही देश के कोने कोने से श्रद्धालु महाकुंभ में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं।

    महाकुंभ मेले में ना केवल भारत के कोने कोने से लोग आ रहे, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु आए। नेपाल से आए चार किशोरों मनीष मंडल, रब्बज मंडल, अर्जुन मंडल और दीपक साहनी ने अपने चाचा डोमी साहनी के साथ महाशिवरात्रि पर संगम में डुबकी लगाई।

     

     

    पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से चार दोस्त आकाश पाल, अभिजीत चक्रवर्ती, राजा सोनवानी और अभिषेक पाल महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में डुबकी लगाने पहुंचे। आकाश पाल ने बताया, “हम दोस्त हैं और पश्चिम बंगाल से प्रयागराज तक कार से आए। जहां वाहन की अनुमति खत्म हुई, वहां से पैदल चलकर संगम पहुंचे।

    महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु गंगा और संगम में डुबकी लगाने के बाद शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में जाकर भगवान शंकर का जलाभिषेक कर रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के सभी शिव मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इन मंदिरों में सरस्वती घाट के निकट सिद्ध पीठ मनकामेश्वर मंदिर, दारागंज स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव, शिवकुटी स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर और अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर शामिल हैं।

    शिवालयों में भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने शिवालयों के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी प्रमुख शिव मंदिरों के परिसरों में पुलिस के साथ अर्द्ध सैनिक बल भी तैनात किए गए हैं।

    हिंदू पौराणिक कथाओं के मुताबिक, समुद्र मंथन में भगवान शिव ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। समुद्र मंथन से अमृत कलश निकला और इसकी बूंदें जहां जहां गिरीं, वहां वहां कुंभ मेले का आयोजन होता है।

     

     

    महाकुंभ मेले के छह स्नान पर्वों में तीन स्नान पर्व अमृत स्नान के थे और ये 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या और तीन फरवरी को बसंत पंचमी पर संपन्न हुए। सभी 13 अखाड़े अमृत स्नान करके मेले से विदा हो चुके हैं।

    महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला और जिला प्रशासन ने महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर ही जिले और मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया।

    उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) (कुंभ) वैभव कृष्ण ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने श्रद्धालुओं की भीड़ संभालने के लिए मेला क्षेत्र में पांच प्रमुख शिवालयों पर व्यापक बंदोबस्त किए हैं। मंगलवार की तुलना में बुधवार को अधिक भीड़ होने की संभावना है।’’

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleनीतीश कुमार ने कैबिनेट में सात नये चेहरों को शामिल किया, सभी भाजपा विधायक
    Next Article जम्को की सड़क के ऊपर से 2 महीने से गुजर रहा नाले का गंदा पानी, नहीं हो रही साफ-सफाई

    Related Posts

    IMEC से चीन-पाक बेचैन: भारत की नई वैश्विक धुरी

    May 21, 2026

    रोम से नई धुरी: बीजिंग-इस्लामाबाद बेचैन, भारत का उदय

    May 21, 2026

    रोम की नई धुरी: चीन-पाक बेचैन, भारत का बढ़ता वैश्विक कद

    May 21, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    IMEC से चीन-पाक बेचैन: भारत की नई वैश्विक धुरी

    रोम से नई धुरी: बीजिंग-इस्लामाबाद बेचैन, भारत का उदय

    रोम की नई धुरी: चीन-पाक बेचैन, भारत का बढ़ता वैश्विक कद

    बंगाल OBC कोटा: हाईकोर्ट फैसले से सियासी घमासान

    ठाणे: RPI नेता अशोक कांबले की हमले के बाद मौत

    अपराधमुक्त राजनीति: विकसित भारत का आधार

    रोम की नई धुरी: भारत, IMEC से चीन-पाक हुए बेचैन

    पटमदा सीएचसी में नि:शुल्क चर्मरोग जांच शिविर आयोजित, चार नए कुष्ठ रोगियों की पहचान

    विद्युत विभाग के शिविर में छह मामलों का हुआ समाधान

    देशव्यापी हड़ताल से दवा दुकानें बंद रहने पर मरीज रहे परेशान

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.