Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » वर्तमान में शांति और एकता की महत्ता और अधिक बढ़ गई है: राष्ट्रपति मुर्मू
    Headlines राजनीति राष्ट्रीय

    वर्तमान में शांति और एकता की महत्ता और अधिक बढ़ गई है: राष्ट्रपति मुर्मू

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 4, 2024No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    वर्तमान में शांति और एकता की महत्ता और अधिक बढ़ गई है: राष्ट्रपति मुर्मू
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया के अनेक हिस्सों में व्याप्त अशांति को देखते हुए आज शांति और एकता की महत्ता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को ये समझना चाहिए कि वह इस धरती का स्वामी नहीं है बल्कि पृथ्वी के संरक्षण के लिए जिम्मेदार है।

    राष्ट्रपति आबू रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संबोधित कर रही थीं जिसका विषय ‘स्वच्छ व स्वस्थ समाज के लिए आध्यात्मिकता’ है।

    उन्होंने कहा कि आज विश्व के अनेक हिस्सों में अशांति का वातारवण व्याप्त है तथा मानवीय मूल्यों का क्षरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में शांति व एकता की महत्ता और अधिक बढ़ रही है।

     

     

    उन्होंने कहा, ‘‘शांति केवल बाहरी नहीं बल्कि हमारे मन की गहराई में स्थित होती है। जब हम शांत होते हैं तभी हम दूसरों के प्रति सहानुभूति व प्रेम का भाव रख सकते हैं। इसलिए मन, वचन, कर्म.. सबको स्वच्छ रखना होता है।’’

    राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आज जब हम ‘ग्लोबल वार्मिंग’ और पर्यावरण प्रदूषण के विपरीत प्रभावों से जूझ रहे हैं तब इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी संभव प्रयास करने चाहिए।’’

    उन्होंने कहा कि मनुष्य को ये समझना चाहिए वो इस धरती का स्वामी नहीं हैं, बल्कि पृथ्वी के संरक्षण के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम ‘ट्रस्टी’ हैं हम ‘स्वामी’ नहीं हैं। इसलिए ‘ट्रस्टी’ के रूप में इस धरती को हम लोगों को संभालना है, आगे बढ़ाना है। हमें अपने विवेक से इस ग्रह की रक्षा करनी है।’’

    मुर्मू ने कहा कि मनुष्य अपने कर्मों को त्याग कर नहीं बल्कि उन्हें सुधारकर ही बेहतर इंसान बन सकता है। उन्होंने कहा,‘‘आध्यात्मिकता का मतलब धार्मिक होना या सांसारिक कार्यों का त्याग कर देना नहीं है। आध्यात्मिकता का अर्थ है अपने भीतर की शक्ति को पहचान कर अपने आचरण और विचारों में शुद्धता लाना। मनुष्य अपने कर्मों का त्याग करके नहीं बल्कि अपने कर्मों को सुधारकर बेहतर इंसान बन सकता है।’’

     

     

     

    उन्होंने कहा,‘‘विचारों और कर्मों में शुद्धता जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन व शांति लाने का मार्ग है। यह एक स्वच्छ व स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। ये माना जाता है कि स्वच्छ शरीर में ही पवित्र अंत:करण का वास होता है।’’

    उन्होंने कहा कि सभी परंपराओं में स्वच्छता को महत्व दिया जाता है। कोई भी पवित्र क्रिया करने से पहले स्वयं व अपने परिवेश की साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है लेकिन स्वच्छता केवल बाहरी वातावरण में नहीं बल्कि हमारे विचारों व कर्मों में भी होना चाहिए।

    राष्ट्रपति ने कहा,‘‘अगर हम मानसिक व आत्मिक रूप से स्वच्छ नहीं हैं तो बाहरी स्वच्छता निष्फल रहेगी। आध्यात्मिक मूल्यों का तिरस्कार करके केवल भौतिक प्रगति का मार्ग अपनाना अंतत: विनाशकारी ही सिद्ध होता है। स्वच्छ मानसिकता के आधार पर ही समग्र स्वास्थ्य संभव होता है।’’

     

     

     

    उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के कई आयाम होते हैं जैसे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक व सामाजिक स्वास्थ्य। ये सभी आयाम परस्पर जुड़े हुए हैं और हमारे जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।

    उन्होंने कहा,‘‘हमारे विचार ही शब्दों और व्यवहार को रूप देते हैं। दूसरों के प्रति कोई राय बनाने से पहले हमें अपने अंतर्मन में झांकना चाहिए। जब हम किसी दूसरे की परिस्थिति में अपने आप को रखकर देखेंगे तब सही राय बना पाएंगे।’’

    इस मौके पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे भी मौजूद थे। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में शिक्षा, विज्ञान, खेल, कला एवं संस्कृति, मीडिया, राजनीति और समाजसेवा से जुड़ीं 15 से अधिक देशों की जानी-मानी हस्तियां भाग ले रही हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleझारखण्ड में हवलदार की हुई पदोन्नति जानें इस लिस्ट में देखे …….
    Next Article मानगो गुरुद्वारा रोड की सड़क खस्ताहाल, नालियों के स्लैब टूटे, अन्नी अमृता ने किया क्षेत्र का दौरा, उठाए सवाल-क्या यही हुआ विकास?

    Related Posts

    पटमदा में अवैध शराब के खिलाफ उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, 30 लीटर चुलाई शराब जब्त

    June 3, 2026

    चांदी साफ करने के बहाने महिलाओं को बनाते थे निशाना, छह सदस्यीय ठग गिरोह गिरफ्तार

    June 3, 2026

    सफाई कर्मियों के अधिकारों को लेकर यूथ इंटक का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांगपत्र

    June 3, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पटमदा में अवैध शराब के खिलाफ उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, 30 लीटर चुलाई शराब जब्त

    चांदी साफ करने के बहाने महिलाओं को बनाते थे निशाना, छह सदस्यीय ठग गिरोह गिरफ्तार

    वार्ड पार्षद नीतू शर्मा की मुहिम रंग लाई: प्रभात पार्क में नशाखोरी, उगाही और अराजकता पर कार्रवाई के संकेत

    सीमांकन के बिना बालू उठाव नहीं, ग्राम सभा ने जताया विरोध मशीन से खनन पर रोक और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग

    नीमडीह नव पदस्थापित थाना प्रभारी का संगठन ने द्वारा स्वागत

    अत्याधुनिक सुविधायुक्त बनेगा कांड्रा स्टेशन, डीआरएम तरुण होरिया ने कांड्रा स्टेशन का दौरा कर चल रहे विकास कार्यों का लिया जायजा

    आनंदमार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम में 500 लोगो के बीच किया पौधा वितरण

    भाटिन माइंस में सुरक्षा चूक पर यूसील की बड़ी कार्रवाई, अधिकारी हटाए गए, सुरक्षा व्यवस्था और सख्त

    हरिणा मेला की बंदोबस्ती बहाल करने की मांग, मुखिया देवी कुमारी भूमिज ने उपायुक्त को लिखा पत्र

    सफाई कर्मियों के अधिकारों को लेकर यूथ इंटक का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांगपत्र

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.