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    आरजी कर घटना: कनिष्ठ चिकित्सकों ने 42 दिन बाद आंशिक रूप से काम शुरू किया

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 21, 2024No Comments3 Mins Read
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    आरजी कर घटना: कनिष्ठ चिकित्सकों ने 42 दिन बाद आंशिक रूप से काम शुरू किया

    कोलकाता: पश्चिम बंगाल के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कनिष्ठ चिकित्सक 42 दिन बाद शनिवार सुबह आंशिक रूप से काम पर लौट आए।

    आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद एक महिला चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के खिलाफ कनिष्ठ चिकित्सकों ने काम बंद कर दिया था।

    कनिष्ठ चिकित्सकों ने सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं में काम करना शुरू कर दिया लेकिन उन्होंने बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में अब भी काम शुरू नहीं किया है।

     

     

    प्रदर्शनकारी चिकित्सकों में शामिल अनिकेत महतो ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने आज से काम पर लौटना शुरू कर दिया है। हमारे सहकर्मी केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं में अपने-अपने विभागों में आज सुबह से काम पर लौटना शुरू कर चुके हैं, लेकिन ओपीडी में काम शुरू नहीं किया गया है। कृपया यह नहीं भूलें कि चिकित्सक केवल आंशिक रूप से काम पर लौटे हैं।’’

    उन्होंने बताया कि उनके अन्य सहयोगी राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए पहले ही रवाना हो चुके हैं, जहां वे विरोध प्रदर्शनों के बीच भी लोगों के स्वास्थ्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए ‘अभया क्लिनिक’ (चिकित्सा शिविर) शुरू करेंगे।

    विभिन्न सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के काम पर लौट आने से आपातकालीन सेवाएं सामान्य हो गईं।

     

     

    बांकुड़ा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक मरीज दीपांकर जना ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए बहुत राहत की बात है। हम उनकी मांगों का समर्थन करते हैं, लेकिन चिकित्सकों के काम बंद कर देने के कारण हमारे जैसे नियमित मरीजों के लिए पिछले एक महीने से इलाज कराना बहुत मुश्किल हो गया था।’’

    पूर्व मेदिनीपुर जिले के बाढ़ प्रभावित पंसकुरा में ‘अभया क्लिनिक’ में मरीजों की भीड़ देखी गई।

    ऐसे ही एक क्लिनिक में काम करने वाली कनिष्ठ चिकित्सक अहेली चौधरी ने कहा, ‘‘हमें इन क्लिनिक में बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। कई लोग क्लिनिक में आए हैं…। हम चौबीसों घंटे सेवा देने के लिए तैयार हैं… यह हमारी प्रतिबद्धता है।’’

    प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने कहा कि वे इस घटना में प्रशासन द्वारा न्याय किए जाने और राज्य के स्वास्थ्य सचिव को हटाए जाने की अपनी मांगों को पूरा करने के लिए अगले सात दिन तक इंतजार करेंगे, अन्यथा वे फिर से काम बंद करेंगे।

     

     

     

    आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को महिला चिकित्सक का शव मिला था। ये चिकित्सक तभी से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि इस घटना में जान गंवाने वाली महिला चिकित्सक को न्याय मिले। उन्होंने इस मामले में प्रमुख अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्हें पदों से हटाने की भी मांग की है।

    केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की जांच के सिलसिले में आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

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