कुख्यात अपराधी संतोष थापा 13 साल में हुआ पहली बार गिरफ्तार
सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर का रहने वाला कुख्यात अपराधी संतोष थापा को जिला पुलिस की टीम ने दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले में वारंट जारी होने के बाद जिला पुलिस ने यह कार्रवाई की है। शान बाबू हत्याकांड की घटना को अंजाम देने के बाद संतोष थापा एक-एक कर कई अपराधीक घटनाओं को अंजाम दिया था। बीते 2 साल पूर्व सतबहिनी के ट्रिपल मर्डर में भी वह आरोपी रह चुका है।
हैरान करने वाली बात यह है कि कई आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाला यह कुख्यात अपराधी को किसी भी मामले में पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। फरार होने के बाद वह खुद को कोर्ट में सरेंडर कर दिया करता था। लेकिन इस बार जिले के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक की नजरों से बच पाना उसके लिए नामुमकिन थी। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद वह कुख्यात गुड्डू पांडे के छुपे होने की जानकारी दी थी। जिसके बाद गुड्डू को बीती रात आदित्यपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। गुड्डू पांडे, राकेश सिंह के बाद संतोष थापा की गिरफ्तार हो जाने के बाद क्षेत्र में इनके आतंक से परेशान लोगों को राहत मिली है।
दर्जनों कांड का यह अभियुक्त को पहली बार जिला पुलिस गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इससे पहले चर्चित शान बाबू हत्याकांड, ट्रिपल मर्डर के मामले में पुलिस इसे ढूंढते रह गई और यह सीधे कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इन मामलों में थापा जमानत पर है। इधर शान बाबू हत्याकांड मामले में भी गवाही चल रही है। इससे पहले तीन बदमाशों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी है। कुख्यात अपराधी संतोष थापा आदित्यपुर क्षेत्र में लॉटरी के धंधे, सरकारी जमीन को कब्जा कर बेचने और बिल्डरों के लिए जमीन मालिकों को धमकाने के धंधे से करोड़ों रुपए का कमाई किया गया है।
वारदात को अंजाम देने के बाद यह खुद को कोर्ट में सरेंडर किया करता था और फिर जमानत पर बाहर आकर फिर से अपने धंधे को संचालित करने में जुट जाता था। संतोष थापा पर 22 फरवरी 2022 को बड़ा गम्हरिया में स्क्रैप व्यापारी संजय उर्फ चमटू की गोली मारकर हत्या, 24 मार्च 2022 को देवव्रत गोस्वामी उर्फ देबू दास की गोली मारकर हत्या का आरोप है। गम्हरिया के सतबहिनी में 2 में 2022 को हुई कार्तिक गोप की हत्या और 7 जून 2022 को सतबहिनी दुर्गा पूजा मैदान में ट्रिपल मर्डर आशीष गोराई, सुबीर चटर्जी और राजू गोराई की हत्या में बतौर मुख्य साजिश करता होने समेत कुल 22 मामले में इसका हाथ था।

