राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी, दीप जलाकर दिवाली में मनाऊंगी, के भजन पर गिरिडीह में कला संगम का निकला रंग यात्रा
अलग अलग राज्य के कलाकारों ने पेश किया लोकनृत्य, झूमता रहा शहर
गिरिडीह
कला संगम के तीन दिवसीय प्रतियोगिता के दूसरे दिन शनिवार को गिरिडीह में कलाकारों का भव्य रंग यात्रा का आयोजन हुआ। कलाकारों के जुलुश को रंग यात्रा का स्वरूप दिया गया था। जिसमे यूपी, धनबाद, पंजाब, बिहार, उड़ीसा समेत कई राज्य और जिला का कलाकारों की टीम अपने अपने लोक-संस्कृति के शास्त्रीय नृत्य के साथ निकली।
मकशद एक ही लोगो में भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक करना, और लोक कलाओं को बचाएं रखना। शहर के ईश्वर स्मृति भवन से निकले रंग यात्रा का नेतृत्व इस दौरान कला संगम के सतीश कुंदन कर रहे थे, तो मौके पर मनोज कुमार मुन्ना, सिवेंदर सिन्हा भी शामिल थे। लेकिन यूपी के आजमगढ़ की टीम के कलाकारों की झांकी सबसे खास थी, जो अयोध्या के रामलला की नगरी के तर्ज पर भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण के साथ संकट मोचन हनुमान के साथ निकला।
इस दौरान राम आएंगे, तो अंगना सजाऊंगी, दीप जलाकर दिवाली में मनाऊंगी के भजन पर झूमते हुए चल रहे थे। आजमगढ़ की टीम के कलाकारों के इस झांकी लोगो को मंत्रमुग्ध भी कर रही थी। वही राज्य के लोकनृत्य छऊ के वेशभूषा में कलाकार शहर भ्रमण के दौरान अपना प्रदर्शन करते दिखें। जबकि धनबाद के नन्हे कलाकारों की टीम भी मौके पर राधा कृष्ण की झांकी भी बेहद आकर्षक रहा। राधे कृष्ण के वेश में कलाकार झूमते हुए चल रहे थे। कमोबेश, दूसरे दिन जब कला संगम का रंग यात्रा शहर भ्रमण के लिए निकला, तो देखने के लिए लोगो की भीड़ उमड़ी।

