Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सृष्टि पिता भगवान शिव ने विवाह पद्धति को स्थापित कर एवं आनंदमूर्ति ने पौरोहित्य गिरी का अधिकार देकर महिला को सशक्त बनाया
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड धर्म

    सृष्टि पिता भगवान शिव ने विवाह पद्धति को स्थापित कर एवं आनंदमूर्ति ने पौरोहित्य गिरी का अधिकार देकर महिला को सशक्त बनाया

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 8, 2024No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    सृष्टि पिता भगवान शिव ने विवाह पद्धति को स्थापित कर एवं श्री श्री आनंदमूर्ति ने पौरोहित्य गिरी का अधिकार देकर महिला को सशक्त बनाया

    महिलाएं केवल भौतिक क्षेत्र में ही नहीं आध्यात्मिक क्षेत्र में भी विकसित करने के लिए महिला एवं पुरुष को समान रूप से अधिकार प्रदान करता है आनंद मार्ग

    आनंद मार् ने महिलाओं को पौरोहित्य गिरी अधिकार देकर महिला सशक्तिकरण को मजबूत किया है*

     

    जमशेदपुर :- 8 मार्च 2024

    भगवान सदाशिव इस धरा पर आज से 7000 वर्ष पूर्व आए।
    उस समय समाज में व्याप्त विषमता को दूर कर एक सूत्र में बांधने के लिए भगवान शिव ने समाज को बहुत कुछ दिया। उस समय भी महिलाएं काफी शोषित थी भगवान शिव के आगमन के पहले समाज में विवाह प्रथा नहीं थी।

     

    एक पुरुष कितनों के साथ शारीरिक शोषण करता था पूरा समाज असंगठित एवं अव्यवस्थित था, जितने ज्यादा कन्याओं का शारीरिक शोषण करता था वह उतना ही बलशाली कहलाता था।भगवान शिव ने सर्वप्रथम पार्वती से विवाह कर विवाह पद्धति को स्थापित कर महिलाओं को सबसे पहले इस पृथ्वी पर सम्मान दिया। उन्होंने सबसे पहला विवाह पार्वती से किए महिलाओं को मर्यादित ढंग से जीने का अधिकार दिया इतना ही नहीं आध्यात्मिक तंत्र योग साधना का भी अधिकार महिलाओं को भगवान शिव ने हीं दिया पहला आध्यात्मिक तंत्र योग साधना की दीक्षा माता काली एवं दूसरी दीक्षा अपनी पुत्री भैरवी को देकर एक जड़ संस्कार को खत्म कर महिला एवं पुरुष को आध्यात्मिक योग साधना का समान अधिकार दिया, उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल भोग की वस्तु नहीं उन्हें भी आध्यात्मिक रूप से विकसित होने का अधिकार है।

     

     

     

    आनंद मार्ग प्रचारक संघ की अवधुतिका आनंदआराधना आचार्या का कहना है कि जमशेदपुर एवं उसके आसपास महिलाओं को शारीरिक मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से विकसित करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महिला सशक्तिकरण की बात अब केवल दिखावा ही रह गया है ,महिलाओं को हर स्तर पर अधिकार देना होगा तभी महिलाओं का सर्वांगीण विकास संभव है।महिला तो भौतिक स्तर पर स्वालंबी हो रही है परंतु उन्हें मानसिक एवं आध्यात्मिक स्तर पर भी विकसित होने का अवसर प्रदान करना होगा ।हम महिलाओं को केवल पौरोहित्य गिरी का अधिकार ही नहीं बल्कि महिलाओं द्वारा वैवाहिक कार्यक्रम, दाह संस्कार कर्म, श्राद्ध कर्म करने का भी अधिकार समाज को देना होगा।

     

     

    आज तक समाज में पुरुष पौरोहित्य के द्वारा ही सारे धार्मिक कर्मकांड संस्कार कार्यक्रम संपन्न होता था आनंद मार्ग के संस्थापक श्री श्री आनंदमूर्ति जी ने महिलाओं को पौरोहित्य गिरी का अधिकार देकर महिला सशक्तिकरण को मजबूत किया समाज में सभी को समान अधिकार है इससे किसी को वंचित करना घोर पाप है। महिला एवं पुरुष समाज रूपी गाड़ी के दो पहिए हैं इनके समान अधिकार के बिना समाज का सर्वांगीण उत्थान संभव नहीं है महिला एवं पुरुष को आनंदमार्ग में समान अधिकार दिया गया है। *महिलाओं को भी मानसिक ,शारीरिक एवं आध्यात्मिक उत्थान का अधिकार मिलना चाहिए।अंधविश्वास से भी महिलाओं को ऊपर उठाना होगा।शादी विवाह के लिए सभी समय शुभ है ,जब सभी भगवान के ही बनाए हुए हैं तो सब कुछ समान है हर समय शुभ है। इसका भेदभाव समाज में खत्म करना होगा तभी समाज का सर्वांगीण विकास संभव होगा। आचार्या ने कहा कि नारी और पुरुष दोनों एक ही परम पिता के संतान है । इसलिए जीवन की अभिव्यक्ति और अधिकार के क्षेत्र में दोनों को समान अधिकार है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजामताड़ाःमहाशिवरात्रि की पूजा किये विधायक इरफान अंसारी , रखा उपवास, भाजपा नेताओं को रोजा रखने की दी नसीहत
    Next Article एनटीटीएफ के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन डॉ. एन रघुराज नामासिवयम का निधन

    Related Posts

    एलएनएमयू में ‘एपीआई पोर्टल’ का शुभारंभ, विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्य होंगे डिजिटल रूप से सशक्त

    May 27, 2026

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मिले विधायक संजीव सरदार, हरिणा मेला को राजकीय मेला घोषित करने की रखी मांग

    May 27, 2026

    ईद अल-अजहा को लेकर कुंडहित व बागडेहरी में निकाला गया फ्लैग मार्च

    May 27, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    एलएनएमयू में ‘एपीआई पोर्टल’ का शुभारंभ, विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्य होंगे डिजिटल रूप से सशक्त

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मिले विधायक संजीव सरदार, हरिणा मेला को राजकीय मेला घोषित करने की रखी मांग

    ईद अल-अजहा को लेकर कुंडहित व बागडेहरी में निकाला गया फ्लैग मार्च

    ईद-उल-जुहा पर उपायुक्त ने जिलेवासियों को दी शुभकामनाएं

    आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में योजनाओं के प्रभावी संचालन पर जोर

    मोहरदा पीएम आवास योजना निर्माण स्थल का उपायुक्त ने किया निरीक्षण, मूलभूत सुविधाएं जल्द बहाल करने के निर्देश

    उपायुक्त की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित

    वर्षों से अलग रह रहे दंपति ने भुलाए गिले-शिकवे, मेडिएशन सेंटर में हुआ समझौता

    नौतपा में शर्बत सेवा से गुप्ता ऑटोमोबाइल ने जीता दिल

    कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी : मुकेश अग्रवाल

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.