झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक दल के नेता चंपई सोरेन ने झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के दरबार हॉल में संपन्न हुआ | जहां सोरेन को राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। बता दें कि गवर्नर ने गुरुवार को ही सोरेन को मुख्यमंत्री मनोनीत किया था। सोरेन के बाद कांग्रेस नेता आलमगीर आलम और राष्ट्रीय जनता दल के नेता सत्यानंद भोक्ता ने बतौर उपमुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
10 दिन के अंदर साबित करना होगा बहुमत
इससे पहले JMM विधायक दल के नेता चंपई सोरेन ने गवर्नर से जल्द से जल्द सरकार बनाने के उनके दावे को स्वीकार करने का आग्रह किया था, क्योंकि राज्य में ‘भ्रम’ की स्थिति बनी हुई थी। बुधवार को मुख्यमंत्री पद से हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद से राज्य में CM न होने की वजह से ‘भ्रम’ की स्थिति पैदा हो गई थी और इसके कारण राजनीतिक संकट गहरा गया था। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख राजेश ठाकुर ने कहा कि चंपई सोरेन को अपनी सरकार का बहुमत साबित करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। कांग्रेस राज्य में JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी पार्टी है।
टाइगर नाम से भी जाने जाते हैं चंपई सोरेन
चंपई सोरेन को लोग झारखंड टाइगर के नाम से भी बुलाते हैं। चंपई ने 1991 में पहली बार सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी। सोरेन की जीत इसलिए बड़ी थी क्योंकि उन्होंने कद्दावर JMM सांसद कृष्णा मार्डी की पत्नी को हराया था। बाद में 1995 में JMM के टिकट पर जीत हासिल की, लेकिन वर्ष 2000 में BJP के अनंतराम टुडू से चुनाव हार गए थे। इसके बाद वर्ष 2005 से लगातार सरायकेला से विधायक रहे हैं। 2019 में सोरेन ने BJP के गणेश महली को हराया था।
समान विचार धारा वाली पार्टियों के गठबंधन की सरकार बनने पर हर्ष यह लोकतंत्र की जीत है:रियाजुद्दीन खान

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विशेष आमंत्रित सदस्य रियाजुद्दीन खान ने श्री चंपई सोरेन के नेतृत्व में झामुमो कांग्रेस राजद और समान विचार धारा वाली पार्टियों के गठबंधन की सरकार बनने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह लोकतंत्र की जीत है। भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा ई डी के कंधे पर बंदूक रखकर पर्दे के पीछे रहकर संवैधानिक और प्रजातांत्रिक तरीके से चुने हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करवा के अपदस्थ किया वह कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। तदुपरांत महा गठबंधन को तोड़ने का और खरीद फरोख्त करने का भी पूरा प्रयास किया परंतु सफलता नहीं मिली और प्रसन्नता की बात है कि आज चंपई सोरेन जी के नेतृत्व में झामुमो कांग्रेस राजद और समान विचार वाले दलों की सरकार बनी जो लोकतंत्र और समाजवाद के लिए अच्छा संकेत है। और भी खुशी की बात यह है की एक अल्पसंख्यक समुदाय के नेता आलमगीर आलम को झारखंड सरकार का उपमुख्यमंत्री तथा राजद कोटा से सत्यानंद भोक्ता को मंत्री बनाकर सामाजिक न्याय का सबूत दिया।
कांग्रेस नेता रियाजुद्दीन खान ने आगे कहा कि 5 फरवरी को इस महागठबंधन के नेता चंपई सोरेन विश्वास मत बहुमत के आधार पर हासिल करेंगे और यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और झारखंड की जनता की आशाओं एवं अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी।

