मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज उज्जैन पहुंचे, यहां पर उन्होने कहा कि रामलला का आमंत्रण ठुकराने वाले फिर से विचार करें.हमारी बहुसंख्यक भावनाओं का सम्मान करें. नहीं तो जो आंधी उठेगी उसमें ऐसे निर्णय लेने वालों का पता भी नहीं चलेगा, ये मै गारंटी के साथ कह सकता हूं. भगवान राम के प्रति अगर इस प्रकार का भाव लाते हैं तो बहुत दुर्भाग्य की बात है. इससे रेलवे के मल्टी-डिसिप्लिनरी जोनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भूमि पूजन किया.
सीएम श्री यादव ने आगे कहा कि 500 साल पहले का कलंकित इतिहास बदलने जा रहा है. भव्य मंदिर के गर्भगृह में राम लला विराजमान होंगे. इस दृश्य को निहारने के लिए मॉरिशस जैसे देश छुट्टी दे रहे हैं. दुश्मन देश भी हमारी तरफ सम्मान से देख रहे हैं लेकिन हमारे देश के तथाकथित कुछ लोग भगवान राम के मामले में फिर अपमानजनक स्थिति निर्मित कर रहे हैं. उन्होंने कहा विपक्ष से कहना चाहूंगा कि जब चुनाव आएं तब जो चाहो वो कर लेना. आज तो ये भाव मत लाओ कि भगवान राम के इस ऐतिहासिक क्षण को निहारने से आप वंचित हो जाओ. आप समाज को लज्जित करने के भाव ला रहे हो. यह बहुत दुर्भाग्य की बात होगी. उन्होने जोनल इंस्टीट्यूट के भूमिपूजन के मौके पर कहा कि रेेल मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि रेलवे के
मामले में भी मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा. साल 2023-24 में केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चरए मॉडर्नाइजेशन और डेवलपमेंट के लिए 13672 करोड़ की राशि स्वीकृत की है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और उसके विस्तार के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं.
उज्जैन में लगेगा युवा वैज्ञानिक मेला-
सीएम श्री यादव उज्जैन में कालिदास अकादमी में छात्र-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए. यहां उन्होंने कहा इसरो के सेंटर से मध्यप्रदेश का भी कोई संबंध बने. यहां भी कोई सेंटर हो इस दिशा में भी आप काम कर सकते हैं. मैं आपको ऑफर देता हूं. इस तरह की कोई इकाई बनेगी तो प्रदेश को आगे बढ़ाने में हम सार्थक भूमिका निभाएंगे.
आनंदोत्सव में थिरके सीएम यादव-
मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार दूसरे रविवार को उज्जैन अपने दिन की शुरुआत कोठी रोड पर राहगीरी आनंदोत्सव में शामिल होकर की. मौज-मस्ती में डूबे लोगों को सीएम ने तिल के लड्डू बांटे. सभी को मकर संक्रांति की बधाई दी. गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो भजन गाया. सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी् सॉन्ग पर थिरके भी

