नई दिल्ली. संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से जारी है. आज सत्र का 16वां दिन है. हालांकि अभी तक पूरा सत्र हंगामे से भरा रहा है. एक तरफ जहां संसद सुरक्षा चूक मामले में विपक्ष केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर अड़ा है तो वहीं दूसरी तरफ लोकसभा और राज्यसभा से अब तक विपक्ष के कुल 141 सांसदों को सत्र के बचे हुए हिस्से के लिए निलंबित कर दिया गया है. सीआरपीसी संशोधन बिल पर गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में आज बोलेंगे.
लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार की देर रात एक सर्कुलर जारी करके निलंबित सांसदों की पार्लियामेंट चैंबर, लॉबी और गैलरी में एंट्री पर बैन लगा दिया है. साथ ही संसदीय समितियों की बैठकों से भी उन्हें निलंबित कर दिया गया है, जिनके वो सदस्य नहीं हैं. सस्पेंशन पीरियड में सांसदों का दिया कोई भी नोटिस स्वीकार्य नहीं होगा.
संसद के शीतकालीन सत्र का आज 13वां दिन है. संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने और संसद ने विपक्ष के 141 सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर आज भी विपक्ष का हंगामा देखने को मिल सकता है. आपको बताते चलें, 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में हुए चूक के मामले में विपक्षी सांसदों की ओर से सदन में गृहमंत्री अमित शाह के बयान को लेकर लगातार हंगामा कियया जा रहा है. इस हंगामे के चलते अब तक 141 विपक्षी सांसद सस्पेंड हो चुके हैं.
सर्कुलर के मुताबिक सभी निलंबित सांसद चैंबर, लॉबी और गैलरी में एंट्री नहीं कर सकते. इन सांसदों को संसदीय समितियों की बैठकों से भी निलंबित हैं, जिसके वे सदस्य हैं। इसके अलावा वे समितियों के चुनावों में वोटिंग भी नहीं कर सकते. उनके नाम पर लिस्ट ऑफ बिजनेस में कोई आइटम नहीं रखा गया है.
इसके साथ ही सांसद अगर पूरे सत्र के लिए निलंबित होते हैं तो सस्पेंशन पीरियड के लिए डेली अलाउंसेस के हकदार नहीं, क्योंकि संसद सदस्य के वेतन भत्ते और पेंशन अधिनियम 1954 की धारा 2 (डी) के तहत ड्यूटी की जगह पर निलंबित सांसद का रहना, ड्यूटी पर होना नहीं माना जा सकता है.
गौरतलब है कि संसद की सुरक्षा में बीते बुधवार को सेंध लगाए गया था. इस मामले में विपक्ष की ओर से लगातार सदन के भीतर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर लगातार हंगामा जारी है. इसी कड़ी में एक बार फिर कल यानी मंगलवार को लोकसभा से 41 सांसदों को तो वहीं, राज्यसभा से 8 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था. आपको बताते चलें, अब तक कुल 141 सांसदों पर एक्शन लिया जा चुका है.

