Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह : युवाओं में 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़े रहे प्रोस्टेट कैंसर के मामले
    Breaking News Headlines जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड रांची राष्ट्रीय

    प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह : युवाओं में 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़े रहे प्रोस्टेट कैंसर के मामले

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 16, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह : युवाओं में 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़े रहे प्रोस्टेट कैंसर के मामले

    – प्रोस्टेट कैंसर में गेम चेंजर साबित होता है रोबोटिक सर्जरी

    जमशेदपुर। सितंबर माह को प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। जमशेदपुर समेत पूरे देश में प्रोस्टेट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, यहां तक ​​कि कम उम्र के लोगों में भी इसके शिकार हो रहे है। हाल के अध्ययनों के अनुसार प्रोस्टेट कैंसर प्रति वर्ष 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

     

    यह जीवनशैली में बदलाव, खान-पान और पर्यावरण प्रदूषण के कारण हो सकता है। कैंसर को शीघ्र रोकने और निदान करने की आवश्यकता है और इसलिए जागरूकता बहुत आवश्यक है। मेडिका सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, कोलकाता के डॉ. अभय कुमार कहते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में रोबोटिक सर्जरी एक गेम चेंजर है। मेडिका सुपरस्पेशलिटी अस्पताल रोबोटिक सर्जरी के लिए पूर्वी भारत में सबसे बड़ा वॉल्यूम सेंटर और सबसे तेजी से बढ़ने वाला केंद्र है।

     

     

    रोबोटिक सर्जरी एक लागत प्रभावी सर्जिकल प्रक्रिया है, यह कोलकाता में मेडिका ऑन्कोलॉजी यूनिट में सस्ती और आसानी से उपलब्ध है। डॉ. अभय ने बताया कि पहले यह माना जाता था कि बुजुर्गो को प्रोस्टेट कैंसर होता है। लेकिन अब 50 वर्ष के नीचे के लोग भी इस बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। ब्रिटिश मेडिकल जनरल (आन्कोलॉजी) की स्टडी में इसका उल्लेख आया है। आठ में एक व्यक्ति प्रोस्टेट कैंसर का शिकार है। भले ही उन्हें इस बीमारी के बारे में मरणोपरांत पता चलता है। इसलिए प्रिवेंशन और

     

     

    अर्ली डिटेंशन से इसे रोका जा सकता है। लक्षणों के आधार पर हर किसी को 45 से 50 साल के बाद प्रोस्टेट कैंसर की जांच अवश्य करानी चाहिए। फैमिली हिस्ट्री होने पर यह बीमारी कम उम्र में भी हो सकती है। प्रोस्टेट कैंसर में रोबोटिक सर्जरी गेम चेंजर की भूमिका निभाता है। अगर शुरूआत में इस बीमारी का पता चल जाए तो इलाज और ऑपरेशन दोनों संभव है। इसमें खर्च भी कम आता है और अस्पताल में ज्यादा दिन तक भर्ती भी नहीं रहना पड़ता है। साथ ही ब्लड लॉस भी कम होता है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसुण वडपागिया हर अमृत बाणी राम, जिन कउ करम लिखी तिस रिदै समाणी राम …
    Next Article कब तक अधूरा रहेगा अपराधमुक्त राजनीति का काम

    Related Posts

    बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सरकार को घेरा: जातीय पहचान और आरक्षण पर तीखे सवाल

    July 24, 2026

    बिहार विधानसभा में जातीय पहचान और आरक्षण पर सत्ता पक्ष ने घेरा सरकार को

    July 24, 2026

    ठाणे में मौत का तांडव: जगदाले एवेसा के पीछे हवा में लटका 250 किलो मलबा, जान का खतरा

    July 24, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सरकार को घेरा: जातीय पहचान और आरक्षण पर तीखे सवाल

    बिहार विधानसभा में जातीय पहचान और आरक्षण पर सत्ता पक्ष ने घेरा सरकार को

    ठाणे में मौत का तांडव: जगदाले एवेसा के पीछे हवा में लटका 250 किलो मलबा, जान का खतरा

    जगदाले एवेसा के पीछे लटका 250 किलो मलबा: ठाणे में बड़ा हादसे का खतरा

    बहुड़ा यात्रा: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा

    जल संकट का असंतुलित प्रबंधन: अस्तित्व पर मंडराता खतरा – ललित गर्ग का विश्लेषण

    जल संकट: असंतुलित प्रबंधन से अस्तित्व पर मंडराता खतरा

    पेपर लीक पर कठोर कानून और संवाद की जरूरी पहल

    पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून के साथ संवाद भी जरूरी: देवानंद सिंह

    पेपर लीक पर कठोर कानून: छात्रों का भविष्य और लोकतंत्र की गरिमा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.