कर्तव्य पथ पर श्रम शक्ति को सम्मान… इस बार अग्रिम पंक्ति में वीआईपी नही, श्रमिकों को मिली जगह
देश आज अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। हर बार की तरह इस बार भी परेड और अलग-अलग राज्यों की झांकी निकाली गई, लेकिन यह पहली दफा था कि ये सब राजपथ की जगह कर्तव्य पथ पर हुआ। इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में कई चीजें पहली दफा हुई। आइए प्वाइंट में जानें इस बार क्या रहा खास…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पहली बार गणतंत्र दिवस पर देश का नेतृत्व किया। वे पहली बार देश के मुख्य अतिथि और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सिसी के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।
परेड की शुरुआत पहली बार मिस्र के सैन्य दल द्वारा किया गया। इन सशस्त्र बलों का नेतृत्व कर्नल महमूद मोहम्मद अब्देल ने किया।
गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की पूरी महिला टुकड़ी दिखीं। नौसेना सहित कई अन्य सैन्य टुकड़ियों में इस बार महिलाएं शामिल दिखीं। एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में नौसेना की टुकड़ी में 3 सैनिक और 6 अग्निवीर दिखे।
74वें गणतंत्र दिवस पर देश ने दुनिया की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार सेना ’61वीं कैवेलरी’ रेजिमेंट देखी। 61 कैवेलरी रेजिमेंट में सभी ‘स्टेट हॉर्स यूनिट्स’ समिलित हैं और इसका नारा ‘अश्व शक्ति यशोबल’ है।
परेड में 75 आर्मर्ड रेजीमेंट के ‘अर्जुन’ टैंक भी देखा गया। इसका नेतृत्व कैप्टन अमनजीत सिंह ने किया। MBT अर्जुन भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है।
गणतंत्र दिवस पर 17 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और 6 विभिन्न सरकारी मंत्रालयों से 23 झांकियों का प्रदर्शन किया गया। इन झांकियों के जरिए भारत की सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा को दिखाया गया
यूपी की झांकी में इस बार अयोध्या में मनाई जाने वाली दीपावली को दिखाया गया। वहीं, हरियाणा की झांकी में भगवद गीता पर आधारित प्रदर्शनी दिखाई गई। झांकी में भगवान कृष्ण को अर्जुन के सारथी के रूप में दर्शाया गया
गणतंत्र दिवस उत्सव
कर्तव्य पथ पर सॉफ्ट पावर की परेड
कर्तव्य पथ पर अयोध्या दीपोत्सव
नारी शक्ति राष्ट्रभक्ति और शक्ति का शौर्य पथ
पहली बार शक्ति के साथ संस्कृति की झांकी

कर्तव्य पथ पर श्रम शक्ति को सम्मान… इस बार अग्रिम पंक्ति में वीआईपी नही, श्रमिकों को मिली जगह
मोदी सरकार में श्रमिक वर्ग पर खासा फोकस रखा जा रहा है। इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर इंडिया गेट पर आयोजित समारोह में श्रमिकों को अग्रिम पंक्तियों में बिठाया गया। यूं परंपरा रही है कि अग्रिम पंक्तियों में विशिष्ठ लोगों को स्थान दिया जाता है।
इस वर्ष श्रमिकों को कर्तव्य पथ पर अग्रिम पंक्तियों में बिठाया गया
गणतंत्र दिवस के मौके पर इंडिया गेट पर पारंपरिक समारोह आयोजित हुआ
विभिन्न परियोजनाओं में काम करने वाले मजदूरों और श्रमिकों को मिली जगह
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कर्तव्य पथ पर श्रमशक्ति को सम्मान।
नई दिल्ली: इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में कुछ विशेष आमंत्रित अतिथि शामिल हुए। इन विशेष अतिथियों में सेंट्रल विस्टा, कर्तव्य पथ, नए संसद भवन बनाने में जुटे मजदूर, दूध, सब्जी विक्रेता, श्रमिक, रिक्शा चालक, सड़कों पर सामान बेचने वाले आदि शामिल थे। भारत सरकार के इन विशेष श्रमयोगी अतिथियों के लिए कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में खास व्यवस्था की गई थी। कर्तव्य पथ पर अग्रिम पंक्तियों में वीआईपी को स्थान न देकर इन लोगों को बैठाया गया। रक्षा मंत्रालय ने इस विषय में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष समाज के सभी वर्गों के आम लोगों जैसे सेंट्रल विस्टा, कर्तव्य पथ, नया संसद भवन, दूध, सब्जी विक्रेता, पथ विक्रेता आदि निर्माण से जुड़े श्रमयोगियों को निमंत्रण भेजा गया था। गणतंत्र दिवस समारोह में पहुंचे इन विशेष आमंत्रितों को कर्तव्य पथ पर प्रमुखता से बैठाया गया। वहीं प्रधानमंत्री के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में शामिल होने आए 200 छात्र 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के अतिथि भी बनाए गए।
देश के अलग-अलग हिस्सों से आए ये छात्र कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किए गए। यह छात्र दिल्ली में राजघाट, सदैव अटल, कर्तव्य पथ, पीएम संग्रहालय और अन्य स्माकर देखने भी जाएंगे। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में कई अनूठी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य उत्सव, आरडीसी के हिस्से के रूप में और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 126वीं जयंती को चिह्नित करने के लिए 23 और 24 जनवरी, 2023 को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली में एक सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य उत्सव ‘आदि शौर्य – पर्व पराक्रम का’ आयोजित किया गया था। 10 सैन्य टैटू और 20 जनजातीय नृत्य प्रदर्शनों से हजारों लोग मंत्रमुग्ध हुए।
इस कार्यक्रम के बीच में प्रसिद्ध बॉलीवुड पार्श्व गायक कैलाश खेर की प्रस्तुति भी हुई। त्रि-सेवाओं (Triservices) ने वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ स्कूली बच्चों की वर्चुअल और आमने-सामने की बातचीत का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों (तीसरी से 12 वीं कक्षा तक) ने कविताओं, निबंधों, चित्रों, मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों आदि के रूप में अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत कीं। पूरे देश से 19 लाख से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 25 को विजेताओं के रूप में चुना गया था।
25 जनवरी को नई दिल्ली में एक समारोह में रक्षा मंत्री द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। वे आरडी परेड में भी शामिल हुए। रक्षा मंत्रालय की ओर से शिक्षा मंत्रालय के समन्वय से आयोजित प्रतियोगिता में 300 से अधिक स्कूलों ने भाग लिया। आठ स्कूल बैंड चुने गए जिन्होंने 15 से 22 जनवरी, 2023 तक राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में प्रदर्शन किया। प्रिंस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, सीकर, राजस्थान को लड़कियों और लड़कों दोनों ब्रास बैंड श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया। पाइप बैंड श्रेणी में थर्बो हायर सेकेंडरी स्कूल, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल ने लड़कों के वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि गवर्नमेंट गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल, नामची, दक्षिण सिक्किम को लड़कियों के वर्ग में विजेता घोषित किया गया।

