लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता
सरायकेला-खरसावां में लगातार बारिश का कहर
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कांड्रा- हुदु मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों का मुख्य बाजार और जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
कांड्रा- हुदु मार्ग पर बारिश का कहर: डायवर्सन सड़क बही
सरायकेला: जिले में लगातार हो रही बारिश ने कांड्रा- हुदु मार्ग पर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मेहताबेड़ा में निर्माणाधीन पुल के समीप बनाई गई अस्थायी डायवर्सन सड़क तेज बहाव में बह जाने से हुदु और कांड्रा के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है. इसके चलते छोटे-बड़े सभी वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है और हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार मेहताबेड़ा में नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण अवधि के दौरान आवागमन बनाए रखने के लिए पुल के बगल में अस्थायी डायवर्जन सड़क बनाई गई थी. लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के चलते डायवर्जन सड़क पूरी तरह बह गई. इसके बाद मार्ग पर आवागमन बंद हो गया. सड़क संपर्क टूटने से हुदु और आसपास के गांवों के लोगों का कांड्रा से सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है. दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, मरीजों और आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में भारी दिक्कतें आ रही हैं. लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से अविलंब वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा डायवर्जन सड़क की मरम्मत कर जल्द से जल्द आवागमन बहाल कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लगातार बारिश से बुनियादी ढांचे पर असर
झारखंड के कई जिलों में मानसून की भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। सरायकेला-खरसावां जिले में भी लगातार बारिश के कारण ग्रामीण सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कांड्रा- हुदु मार्ग इस क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है, जो दर्जनों गांवों को मुख्य बाजार और स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ता है। इस मार्ग के ठप होने से ग्रामीणों को चिकित्सा, शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानी हो रही है।
प्रशासनिक प्रयास और ग्रामीणों की मांग
जिला प्रशासन ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। इस बार भी डायवर्सन सड़क के बह जाने से समस्या विकराल हो गई है। लोग मांग कर रहे हैं कि नए पुल का निर्माण जल्द पूरा किया जाए और तब तक वैकल्पिक मार्ग को सुगम बनाया जाए। सरायकेला-खरसावां जिले के बारे में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया देखें।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर आवागमन बहाल नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस बीच, जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
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निष्कर्ष
लगातार बारिश ने एक बार फिर ग्रामीण बुनियादी ढांचे की कमजोरी को उजागर किया है। कांड्रा- हुदु मार्ग की बहाली न केवल आवागमन के लिए बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करवाए और दीर्घकालिक योजना बनाकर भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के उपाय करे। ग्रामीणों की आवाज को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकती है।
सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन को चाहिए कि वह ग्रामीणों की मांग पर त्वरित कार्रवाई करे और क्षतिग्रस्त डायवर्सन सड़क का पुनर्निर्माण करवाए। साथ ही, नए पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। ग्रामीणों का सहयोग और प्रशासन की तत्परता ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सख्त जरूरत है। सरायकेला-खरसावां के जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर उठाएं और धन आवंटन सुनिश्चित करें।

