अस्सलामोअलयकुम व रहमतुल्लाही वह बरकातहु
*माफ कीजियेगा*
जान है तो जहान है।सभी मूसलमान भाईयों से मेरी निवेदन है कि अभी फिलहाल लॉक डाउन तक मस्जिदों में नमाज़ नहीं अदा करके सभी नमाज़ घर में अदा की जाये।क्योंकि चौदह सौ साल पहले हुज़ूर सललल्लाहो अलैही वह सल्लम के ज़माने में भी महामारी के वक्त सभी को अपने घर में रहने का फरमान जारी हुआ था।हां मस्जिद में अज़ान दे।हांलांकि इस संबंध में उलेमागण भी कह रहे हैं।तो फिर आप क्यों सचेत नहीं हो रहे हैं।शायद मेरी बातों का आपको इस समय बहुत बूरा लग रहा है कि मुस्लिम समाज के खिलाफ़ हूं।लेकिन मेरे भाई मैं आपकी तरह इंडियन और मुस्लिम हूं।कसम खुदा की सीना चीरने से इंशल्लाह मुहब्बते रसुल सअस,खौफे खुदा मिलेगी(खुदा का डर,रसुल सअस की मुहब्बत मिलेगा)।साथ ही बताने की जरूरत नहीं है आप अच्छी तरह से जान गये होंगे कि कोरोना एक-दूसरे के संपर्क में आने से आपको बख्शेगा नहीं।क्योंकि कोरोना के नज़र में न तो आप राष्ट्रपति हो,न तो पीएम हो,न ऑफिसर्स हो,न तो हिन्दु हो,न तो मुस्लिम हो,न तो डॉक्टर हो,न तो मोलवी हो,न तो पंडित हो ।सिर्फ और सिर्फ हम कोरोना के भोजन है।टच में आते ही कोरोना हमको खा जायेगा।फिर न हम बचेंगे और न हम नमाज़ पढ़ पायेंगे।साथ ही मैं मुसलमान भाईयों को यह भी सचेत कर देना चाहता हूं कि इसी नासमझ के वजह से आपको एक दिन एक बहुत बड़ी कीमत चूकाना पड़ेगा।जिसमें हम सब मिटते हुये नज़र आयेंगे और लोग मुसलमानों को कोसेंगे।मीडीया में खबरें चलेंगी मुसलमानों की नासमझी से इतना भारी पड़ा।इसलिए मैं हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं प्लीज़ आप घर में नमाज़ अदा कीजिये।साथ ही मैं हमारे जामताड़ा जिला के माननीय उपायुक्त सर व एसपी सर से निवेदन करना चाहूंगा कि गांव-गांव में पेश ईमाम व गांव के बुद्धीजीवीयों से संपर्क कर घर में सभी नमाज़ अदा करने की अपील की जाये।
निवेदन:निजाम खान
प्रभारी, झारखंड-बिहार,राष्ट्र संवाद

