भरत तिवारी मामले में पूर्व डीजीपी का बड़ा बयान, कहा- सामने आ रहे दृश्य पुलिस की कार्यशैली पर खड़े करते हैं सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पटना/आरा। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अभयानंद प्रसाद ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े जो दृश्य और वीडियो सामने आ रहे हैं, वे पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं।
पूर्व डीजीपी ने कहा कि पुलिस की शब्दावली और कार्यप्रणाली से “एनकाउंटर” शब्द को समाप्त किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जब तक पुलिस की डिक्शनरी में एनकाउंटर शब्द मौजूद रहेगा, तब तक पुलिस की सकारात्मक छवि स्थापित नहीं हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे वीडियो और दृश्य साक्ष्यों को देखने के बाद प्रथम दृष्टया मामला बेहद गंभीर प्रतीत होता है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है, लेकिन उपलब्ध दृश्य कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करते हैं।
अभयानंद प्रसाद ने कहा कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जांच केवल घटनास्थल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उस स्तर तक पहुंचनी चाहिए जहां से कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), साइबर फोरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच तकनीकों के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि घटना के पूर्व और बाद में किस स्तर पर क्या निर्णय लिए गए। ऐसी जांच से “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा तथा वास्तविक जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच शुरू हो चुकी है। न्यायिक आयोग विभिन्न पक्षों से जानकारी जुटाकर मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। इस बीच पूर्व डीजीपी का यह बयान मामले को लेकर चल रही बहस और चर्चाओं के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा

