Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की श्री राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी यादें
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश खबरें राज्य से झारखंड धर्म मेहमान का पन्ना राजनीति राष्ट्रीय

    पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की श्री राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी यादें

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 4, 2020Updated:August 4, 2020No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की श्री राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी यादें
    4 अगस्त की दोपहर को फेसबुक लाइव प्रसारण
    संबोधन की मुख्य बातें

    आज अयोध्या में प्रभु श्री राम के जन्म स्थान पर भव्य राम मंदिर के पुनर्निमाण की आधारशिला का शिलान्यास के पावन अवसर पर झारखंड के सभी रामभक्त, रामप्रेमियों का मैं हार्दिक अभिनंदन करता हूं।
    हम सबने, पूरे देश में यह एक बहुत कठिन वर्ष देखा है, इस कठिन समय में आनंद के क्षण बहुत कम आये हैं, आज मन आनंद विभोर है, अयोध्या की पावन धरती पर प्रभु श्री राम की पुनस्र्थापना हो रही है। यह आनंद का क्षण आसानी से नहीं आया है। इनके पीछे सदियों का संघर्ष है। हमारे पूर्वजों ने, हमारी पीढिय़ों ने अपना खून बहाया है, बलिदान दिया है, हिन्दू समाज के उसी बलिदान का प्रतिफल यह शुभ दिन देखने को मिल रहा है। हमारी पीढ़ी ने, आप में से भी अनेक ने राम जन्मभूमि के इस आंदोलन में भाग लिया है। हमारे बीच जिन्होंने इस शुभ कार्य का पुण्य कमाया है, उन सभी कारसेवकों का, पुण्यात्माओं का मैं विशेष अभिनंदन करता हूं। आपके शौर्य और साहस से यह शुभ दिन संभव हो पाया।
    हम सब ने मंदिर निर्माण के इस आंदोलन के अनेक उतार-चढ़ाव देखे। हमने वह दिन भी देखा जब जन-भावना ने अयोध्या में अपनी  शक्ति दिखायी थी, हमने वह दिन भी देखा जब चार-चार राज्यों की लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचन भाजपा सरकारें गिरा दी गई। हमने वह समय भी देखा जब राष्ट्रविरोधी शक्तियों ने इस मंदिर निर्माण को रोकने में अपनी सारी शक्ति लगा दी। अनेक न्यायिक और तकनीकि अड़चनें लगायी गयी, पर हिन्दू समाज ने धैर्य नहीं खोया।
    एक समय ऐसा भी लगने लगा था कि भारत के न्यायालयों में लटके लाखों मुकदमों की तरह यह मुकदमा भी कानूनी दांवपेंच में उलझ कर रह जायेगा, पर जहां एक ओर हिन्दू समाज ने अपना शौर्य – अपनी शक्ति दिखायी, वहीं हमने असीम धैर्य और संयम भी दिखाया। हमने न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार किया और आपने दिल्ली में भाजपा की सरकार को, नरेन्द्र मोदी जी की सरकार को चुना, आप सबका एक वोट इस भव्य राम मंदिर की एक ईंट है। यह सच्चाई स्वीकार करनी ही पड़ेगी कि अगर दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार नहीं होती तो शुभ कार्य संभव नहीं होता। मैं प्रधानमंत्री जी का विशेष अभिनंदन करता हूं और धन्यवाद ज्ञापन करता हूं जिनके मार्ग दर्शन और कुशल दिशा निर्देश में यह शुभ कार्य संभव हो रहा है। यह मंदिर निर्माण सिर्फ एक मंदिर का, एक धर्म विशेष के एक पूजा स्थल का, एक भवन का निर्माण कार्य मात्र नहीं है, यह राष्ट्र के पुननिर्माण का कार्य है। हिन्दू सभ्यता की अगंडाई है।
    हम सभी एक बात से हमेशा मुंह छिपाते हैं, हमारा इतिहास खून से सना है, हमारी धरती आक्रमणकारियों को, हत्यारों को आकर्षित किया है। हमारी सभ्यता ने अनेक घाव खाये हैं, हमारी माताओं ने आग में कूदकर जौहार करके अपने सम्मान की रक्षा की, हमारी गुुरुओं को गर्म तेल की कड़ाहों में डाल दिया गया, आरे से चीर दिया गया, जब पिता दशमेश के साहिबजादों को दीवार में चुनवा दिया गया, ऐसे वीभत्स और क्रूर समय में हमारी सभ्यता कैसे जीवन बची होगी? कितने शौर्य और दृढ़ता से हमने उसका सामना किया होगा।
    उस समय के घाव आज भी हमारे सीने पर देखे जा सकते हैं, भारत आज भी उस घाव से उभरा नहीं है। आज भी देश की मानसिकता एक असुरक्षित मानसिकता बनी हुई है। आज भी देश का युवा एक नौकरी से आगे सोच नहीं पा रहा, आज भी हम एक तरह की गुलाम मानसिकता में जी रहे हैं, जहां हम अनजाने ही विदेशी सभ्यताओं और सांस्कृतियों में बड़े होते हैं।
    झारखंड ने तो इसका बहुत ही विकृत रूप देखा है। झारखंड की संस्कृति दुनिया की प्राचीनतम आदि संस्कृति है, यहां के आदिवासी समाज की संस्कृति में मानव सभ्यता के विकास की बहुमूल्य धरोहर छुपी है, पर दुर्भाग्यवश यह आदि संस्कृति अभी एक सांस्कृतिक आक्रमण से गुजर रही है। झारखंड ने सबसे अधिक धर्मांतरण का विष झेला है। यह भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यभूमि है। भगवान बिरसा मुंडा ने सिर्फ अंग्रेजी फौज से ही लड़ाई नहीं की थी, उन्होंने उस विदेशी संस्कृति के सांस्कृतिक आक्रमण से भी लड़ाई की थी।
    भारत एक शांतिपूर्ण, सर्वधर्म समभाव की भावना को स्थान देने वाली भूमि है। हमने हमेशा से सभी धर्मों के धर्मावलंबियों को उनकी आस्था के पालन की आजादी दी है, हम सबकी आस्था का सम्मान करते हैं।
    हमें प्रभु श्री राम के आदर्शों का भारत बनाना है। हमें जागृत भारत बनाना है। शबरी का झारखंड इस भारत में किसी से पीछे नहीं होगा। भय और भूख के विरूद्ध हिंसा और छल प्रपंच के विरूद्ध इस युद्ध में मैं भी एक सैनिक हूं और आप भी एक सैनिक हैं और हम सब साथ मिलकर समृद्ध झारखंड आत्मनिर्भर भारत बनायेंगे। प्रभु श्री राम की कृपा और आशीर्वाद से हम सफल होंगे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसरायकेला खरसावां जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की कोरोना से मौत
    Next Article कदमा में नदी में नहाने के दौरान युवती डूबी

    Related Posts

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरकार संवाद से निकाले समाधान: सरयू राय

    August 10, 2026

    सरयू राय ने विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की निंदा की, सरकार से संवाद की अपील

    August 10, 2026

    मोहन भागवत का लोकतंत्र पर दृष्टिकोण: जेन-जी आंदोलन और संवाद की जरूरत

    August 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरकार संवाद से निकाले समाधान: सरयू राय

    सरयू राय ने विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की निंदा की, सरकार से संवाद की अपील

    मोहन भागवत का लोकतंत्र पर दृष्टिकोण: जेन-जी आंदोलन और संवाद की जरूरत

    मोहन भागवत का बड़ा बयान: लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन संवाद का वैध माध्यम, जेन-जी आंदोलन पर दृष्टिकोण

    कल्याण में कुत्ते का ‘एक-मैन आर्मी’ तांडव: 7 घंटे में 130 से ज्यादा लोगों को काटा, प्रशासन अभी भी ‘सो रहा’ था!

    ब्रह्मदेव चौधरी: आजादी के गुमनाम नायक जिन्होंने अंग्रेजों की यातनाएं सहीं पर साथियों को नहीं दिया धोखा

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरयू राय बोले- संवाद से निकाले समाधान

    कल्याण में आवारा सफेद कुत्ते का तांडव: 7 घंटे में 130 से ज्यादा लोगों को काटा, प्रशासन बेखबर

    हेमन्त सोरेन ने छात्र आंदोलन पर दिया आश्वासन, प्रशासन-पुलिस को सराहा

    हेमन्त सोरेन ने छात्र आंदोलन पर जताया भरोसा, कहा- मांगों पर होगी गंभीर कार्रवाई

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.