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    Home » जीपीएस की सतत निगरानी में होगी ईवीएम की आवाजाही: चुनाव आयोग
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    जीपीएस की सतत निगरानी में होगी ईवीएम की आवाजाही: चुनाव आयोग

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 16, 2019No Comments2 Mins Read
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    नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान मध्य प्रदेश में मतदान केंद्रों से इतर अन्य स्थानों पर ईवीएम मशीनें ले जाने की घटनाओं से सबक लिया है. आगामी लोकसभा चुनाव में ईवीएम की आवाजाही पर जीपीएस की सतत निगरानी सुनिश्चित की गई है.इसके लिए आम चुनावों के दौरान ईवीएम लाने ले जाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस लगाने का फैसला किया गया है. चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों (सीईओ) को ईवीएम मशीनें मतदान केंद्र तक और मतदान केंद्र से कंट्रोल रूम तक पहुंचाने के लिए जीपीएस युक्त वाहनों का उपयोग करने का निर्देश दिया है. यह व्यवस्था लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ-साथ उपचुनावों में भी लागू होगी. आयोग ने चुनाव अधिकारियों से ईवीएम की आवाजाही पर सख्त और सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है. जीपीएस की मदद से ईवीएम को निर्धारित समय सीमा के भीतर गंतव्य तक पहुंचाने पर भी नजर रखी जाएगी.वहीं, निर्वाचन आयोग ईवीएम-ट्रेकिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके अपने डेटा बेस से यह पता लगा सकेगा कि कौन सी मशीन कहां पर है. मालूम हो कि पिछले साल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम मशीनों को निर्वाचन पदाधिकारियों द्वारा मतदान केंद्र से होटल या अन्य स्थानों पर ले जाए जाने की शिकायतें मिलने के बाद आयोग ने यह व्यवस्था की है.बता दें कि आयोग ने आगामी 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए देशभर में लगभग 10.35 लाख मतदान केंद्र बनाए हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में यह संख्या 9.28 लाख थी. मतदान में लगभग 39.6 लाख ईवीएम और 17.4 लाख वीवीपीएटी मशीनों का इस्तेमाल होगा. इनमें रिजर्व श्रेणी की वे मशीनें भी शामिल हैं जिन्हें मशीनों में तकनीकी खराबी आने की स्थिति में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रखा जाता है.

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