केरल में बेरोजगारी संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
केरल में बेरोजगारी संकट: भाजपा का आरोप
तिरुवनंतपुरम, 24 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस को कथित नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर नयी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने से पहले इस दक्षिणी राज्य में बेरोजगारी के संकट का समाधान करना चाहिए।
केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में चंद्रशेखर ने कहा कि यह मुद्दा पिछले दो वर्षों से राज्य के नौकरी के इच्छुक युवाओं को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे युवा रोजगार के लिए पीएससी की परीक्षाएं देते हैं, लेकिन उन्हें वे नौकरियां नहीं मिल रही हैं, जिन पर उनका अधिकार है।’’
चंद्रशेखर ने दावा किया कि केरल देश में सर्वाधिक बेरोजगारी दर वाले राज्यों में शामिल है और राज्य का इस समस्या के समाधान में विफल रहना निंदनीय है।
उन्होंने कहा, ‘‘यहां की समस्याओं का समाधान किए बिना हमारे मुख्यमंत्री दिल्ली जाते हैं, इधर-उधर घूमते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि वे हमारे युवाओं की समस्याओं और राज्य में बेरोजगारी के मुद्दे का समाधान करें।’’
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता में आए दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस सरकार को सत्ता में आए दो या ढाई महीने हो चुके हैं। इस दौरान उसने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया है, लेकिन एक भी रोजगार का अवसर पैदा नहीं किया। उसने एक भी काम नहीं किया।’’
चंद्रशेखर ने कहा कि बेरोजगार युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमें राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में किए जा रहे नाटक और माकपा द्वारा किए जा रहे नाटक को स्पष्ट रूप से समझना चाहिए। यहां जब युवा वास्तविक संकट का सामना कर रहे हैं, तब ये लोग उनकी समस्या के समाधान के लिए कुछ नहीं करते। वे उंगली तक नहीं उठाते, लेकिन वहां जाकर तरह-तरह के बयान देते हैं।’’
नेमोम से विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि वह अगले सप्ताह शिक्षा मंत्री से मुलाकात करेंगे और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की शिकायतों को उनके समक्ष रखेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज वादा करता हूं कि भाजपा इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएगी। भाजपा इन युवाओं के साथ खड़ी है और हमेशा उनके साथ रहेगी।’’
विश्लेषण: केरल में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। विकिपीडिया के अनुसार, केरल की बेरोजगारी दर 2023 में 10% से ऊपर रही, जो युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। [INTERNAL_LINK_HOLDER]
पृष्ठभूमि: केरल लंबे समय से उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के बावजूद रोजगार सृजन में पीछे रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र और प्रवासी श्रमिकों के प्रेषण पर निर्भर है, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर सीमित रहते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: कांग्रेस और माकपा दोनों ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार की नीतियां ही बेरोजगारी के लिए जिम्मेदार हैं। हालांकि, युवा अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है और वे सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आर्थिक प्रभाव: बेरोजगारी की उच्च दर न केवल युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि राज्य के राजस्व और सामाजिक स्थिरता पर भी नकारात्मक असर डालती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिए बिना इस संकट का हल संभव नहीं है।
आगे की राह: भाजपा ने मांग की है कि राज्य सरकार तत्काल रोजगार सृजन योजनाएं शुरू करे और पीएससी भर्तियों में पारदर्शिता लाए। विपक्षी दलों को भी इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।

