कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया है।
छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई, प्रधान एक ‘अपराधी शिक्षा मंत्री’ : राहुल
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को सरकार पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि ‘‘अपराधी शिक्षा मंत्री’’ धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटना ही होगा।
गांधी ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से घायल हुए युवक साहिल को मीडिया के सामने पेश किया और कहा कि ऐसे ‘‘हजारों युवाओं’’ के खिलाफ बर्बर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार कह रही है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, जबकि उस समय पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया जब यह युवक देश का तिरंगा लेकर खड़ा था। इसकी आंख को नुकसान पहुंचा है और इसे दिखाई नहीं दे रहा है।’’
गांधी ने कहा, ‘‘ये हमारे भविष्य हैं और ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है, लाठियां चलाई गई हैं, उन्हें मारा और पीटा गया है। ये पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।’’
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और सरकार को ‘‘झूठ बोलना बंद करना पड़ेगा।’’
गांधी ने कहा, ‘‘सरकार ने हमारे भविष्य पर आक्रमण किया है। भविष्य, यानी युवा, सिर्फ तीन चीजें कह रहा है। पहली मांग है कि शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाए। दूसरी मांग है कि लाठी चलाने वालों और छात्रों की पिटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। तीसरी मांग है कि प्रधानमंत्री युवाओं से माफी मांगें।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। उन्हें हटना होगा। वह हमारी ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं। उन्हें जाना होगा।’’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्रों की मांगों के साथ खड़ा है और प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
पैलेट गन का इस्तेमाल और छात्रों पर कार्रवाई
इस घटना ने देश भर में पैलेट गन के उपयोग पर फिर से बहस छेड़ दी है। मानवाधिकार संगठन लंबे समय से भीड़ नियंत्रण के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते रहे हैं। पैलेट गन के घातक प्रभावों को देखते हुए कई विशेषज्ञों ने इसे गैर-कानूनी बताया है।
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी की मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त किया जाए और घायल छात्रों को मुआवजा दिया जाए। इस मुद्दे पर संसद में भी हंगामा होने के आसार हैं। [INTERNAL_LINK_HOLDER]
पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। सरकार को पारदर्शी जांच कराकर दोषियों को सजा देनी चाहिए। छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।

