महिला शक्ति से बदलेगा गांव का माहौल : जोबा माझी
*कुईड़ा आजीविका महिला संकुल संगठन की वार्षिक आमसभा में अंधविश्वास, बाल विवाह और नशे के खिलाफ सांसद ने अभियान चलाने का किया आह्वान*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, चक्रधरपुर
अब महिलाओं की ताकत सिर्फ घर की चौखट तक सीमित रहने वाली नहीं है। गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से लेकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने तक महिलाएं बदलाव की अगुआ बन सकती हैं। बुधवार को कदमडीहा में आयोजित कुईड़ा आजीविका महिला संकुल संगठन की वार्षिक आमसभा में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने महिलाओं को इसी दोहरी जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वरोजगार से खुद को आर्थिक रूप से मजबूत करें और साथ ही अंधविश्वास, बाल विवाह तथा नशापान के खिलाफ गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएं।
जेएसएलपीएस के तत्वावधान में आयोजित आमसभा का उद्घाटन सांसद जोबा माझी समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। बीपीएम मुमताज आलम ने संगठन की उपलब्धियों व भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि बीएपी मकरु सुंडी ने लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। सांसद ने महिला समूहों की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वरोजगार से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ग्रामीण पलायन पर भी रोक लग सकती है।
उन्होंने दिग्गीलोटा की ‘वायरल गर्ल’ अंजली हेम्ब्रम का उदाहरण देते हुए महिलाओं से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे आने की अपील की। कहा कि महिला समूह अंधविश्वास, बाल विवाह और नशे के खिलाफ सामूहिक पहल करें तथा बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा दें।
मौके पर प्रखंड प्रमुख निरूमनी कोड़ाह, झामुमो जिला उपाध्यक्ष अकबर खान, प्रखंड सचिव अघना कंडुलना, उप मुखिया दिलीप सुरीन, ग्राम मुंडा रामेश्वर सुरीन, आरती विनीता कुंकल, मानी केराई, शांति पूर्ति, सुषमा सुरीन, मीता बानरा, मेचो बोयपाई, मिरजु पूर्ति और मेंजारी मारला समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

