नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी में वापसी की अटकलों के बीच कहा है कि ‘‘राजनीति में कुछ भी संभव है।’’
पायलट ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में अमरिंदर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब की खूब सेवा की है और वह ‘‘बहुत ऊंचे कद के नेता’’ हैं।
हालांकि, पायलट ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अमरिंदर सिंह से उनके भविष्य की राजनीतिक योजनाओं या किसी पार्टी में शामिल होने अथवा उसे छोड़ने के बारे में व्यक्तिगत रूप से कोई बातचीत नहीं की है।
पायलट की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमरिंदर ने हाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लेकर कुछ आलोचनात्मक टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद उनके पार्टी से असंतुष्ट होने की अटकलें तेज हुई हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या अमरिंदर की ‘‘घर वापसी’’ की संभावना है तो कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रभारी पायलट ने कहा, ‘‘जहां तक कैप्टन साहब का सवाल है, मैं उन्हें बहुत छोटी उम्र से व्यक्तिगत रूप से जानता हूं और मैंने उनके साथ मिलकर काम भी किया है। इस विशेष मुद्दे पर मेरी उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है लेकिन जैसा कहते हैं, राजनीति में कुछ भी हो सकता है। कौन जानता है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैप्टन साहब ने पंजाब की अच्छी तरह सेवा की है और वह निश्चित रूप से बहुत ऊंचे कद के व्यक्ति हैं। भाजपा ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया है, इस बारे में मैं निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकता।’’
पायलट ने कहा कि उन्हें अमरिंदर सिंह की हालिया टिप्पणियों के बारे में पता है, लेकिन उनका उनसे इस बारे में कोई संवाद नहीं हुआ कि वह किसी पार्टी में शामिल होने या भाजपा छोड़ने को लेकर क्या सोच रहे हैं।
अमरिंदर ने पिछले महीने पंजाब से जुड़े मामलों में भाजपा द्वारा उनसे परामर्श नहीं किए जाने को लेकर नाराजगी जताई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि इसका अर्थ यह नहीं है कि वह भाजपा छोड़ रहे हैं।
उनकी कांग्रेस में वापसी की अटकलें अगस्त में उस समय शुरू हुई थीं, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम पर एक संवाद के दौरान अमरिंदर को भाजपा में अपना पसंदीदा नेता बताया था।
अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस की पंजाब इकाई में अंदरूनी कलह के बीच मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस छोड़ दी थी। बाद में उन्होंने ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ नामक पार्टी बनाई और 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद उसका भाजपा में विलय कर दिया था।

