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    Home » टीएमसी का पलटवार: पीएम मोदी के दावों का फैक्ट चेक | राष्ट्र संवाद
    Headlines पश्चिम बंगाल राजनीति राष्ट्रीय

    टीएमसी का पलटवार: पीएम मोदी के दावों का फैक्ट चेक | राष्ट्र संवाद

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 9, 2026No Comments4 Mins Read
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    तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी रैली में किए गए दावों का खंडन किया

    पीएम मोदी की हल्दिया रैली के बाद ‘टीएमसी का पलटवार’। डेरेक ओब्रायन ने 7 दावों का फैक्ट चेक जारी कर गरीबी और बेरोजगारी पर केंद्र को घेरा। पढ़ें राष्ट्र संवाद।

    नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनावी रैली में किए गए दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत में अब भी दुनिया में सबसे अधिक गरीब लोग हैं और पांच में से चार भारतीय प्रतिदिन 171 रुपये से कम कमाते हैं।

    तृणमूल नेता ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया में चुनावी रैली में मोदी के भाषण के संबंध में पलटवार किया और प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सात दावों पर विस्तृत ‘‘फैक्ट चेक’’ जारी किया।

    ओब्रायन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘आइए उनके सात दावों का पर्दाफाश करते हैं और वास्तविकता देखते हैं।’’ उन्होंने कहा कि मोदी के संसद में या रैलियों में दिए गए हर भाषण के बाद ऐसे जवाब तैयार करना आसान होता है।

    प्रधानमंत्री मोदी के इस दावे का जवाब देते हुए कि भारत तेजी से प्रगति कर रहा है जबकि तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल को पीछे ले जा रही है, ओब्रायन ने कहा कि देश में गरीबी अभी भी व्यापक रूप से मौजूद है और उन्होंने राज्य की आर्थिक वृद्धि पर प्रकाश डाला।

    उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में पांच गुना वृद्धि हुई है और इसके निर्यात में भी वृद्धि हुई है।

    प्रधानमंत्री के इस दावे पर कि कारखाने बंद हो गए हैं और मजदूर राज्य से पलायन कर रहे हैं, तृणमूल नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में पंजीकृत कंपनियों की संख्या 2011 से काफी बढ़ गई है, जो औद्योगिक विस्तार का संकेत है।

    ओब्रायन ने कहा कि बंगाल में पंजीकृत कंपनियों की कुल संख्या 2011 में 1.37 लाख थी जो 2025 में बढ़कर 2.50 लाख हो गई। इस तरह 83 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और औसतन हर साल 7,500 से अधिक कंपनियां पंजीकृत हो रही हैं।

    मोदी के इस बयान को चुनौती देते हुए कि भाजपा शासित राज्यों में विकास हुआ है, उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार अभी भी 21 करोड़ भारतीय ‘बहुआयामी गरीबी’ में जीवन यापन कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने एकतरफा रूप से पश्चिम बंगाल को दिए जाने वाले दो लाख करोड़ रुपये के कोष को रोक दिया है।’’

    तृणमूल द्वारा युवाओं के साथ “धोखा” करने के आरोप का जवाब देते हुए, ओब्रायन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी में कमी आई है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

    उन्होंने कहा, ‘‘देश में तीन में से एक युवा रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण से वंचित है। दस में से सात स्नातक बेरोजगार हैं। बंगाल में बेरोजगारी दर में 40 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य में दो करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।’’

    ओब्रायन ने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर रिक्तियों का आरोप लगाते हुए, पदों को पारदर्शी तरीके से भरने के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया।

    राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर मोदी की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, तृणमूल नेता ने आधिकारिक रैंकिंग का हवाला देते हुए कहा कि कोलकाता सबसे सुरक्षित शहरों में शामिल है।

    उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘गृह मंत्रालय के अनुसार रैकिंग में कोलकाता ने लगातार चार साल तक सबसे सुरक्षित शहर के रूप में जगह बनाई। भाजपा ने चैंपियन महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने वाले भाजपा सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बिलकिस बानो के बलात्कारियों को रिहा कर दिया गया। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में हाथरस और उन्नाव जैसी भयावह घटनाएं हुईं।”

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