Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सत्तापक्ष, विपक्ष का उद्देश्य जनकल्याण और राज्य का विकास होना चाहिए: राज्यपाल
    Breaking News Headlines कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड राजनीति राष्ट्रीय सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    सत्तापक्ष, विपक्ष का उद्देश्य जनकल्याण और राज्य का विकास होना चाहिए: राज्यपाल

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarNovember 22, 2025No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सत्तापक्ष, विपक्ष का उद्देश्य जनकल्याण और राज्य का विकास होना चाहिए: राज्यपाल

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    रांची: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को कहा कि सत्ताधारी और विपक्षी विधायकों, दोनों को जनता के कल्याण और राज्य के विकास के लिए काम करना चाहिए।

     

    गंगवार ने कहा कि विधायकों से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

     

    उन्होंने रांची में झारखंड विधानसभा के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘विधायक न केवल कानून बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि जनता और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में भी कार्य करते हैं।’’

     

    उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि लोकतंत्र का सशक्तीकरण स्वस्थ चर्चा से होता है, टकराव से नहीं। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष-दोनों का उद्देश्य जनकल्याण और राज्य का विकास होना चाहिए।”

     

    उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का केंद्रीय स्तंभ है। उन्होंने कहा, “एक जनप्रतिनिधि के रूप में विधायक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के विश्वास को बनाए रखना है। जनता द्वारा दी गई शक्ति सेवा का अवसर है-यह शक्ति का माध्यम नहीं है। विधायकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”

     

    उन्होंने कहा, “यह विशेष दिन यह संकल्प लेने का अवसर है कि हम सभी मिलकर झारखंड को राजनीतिक रूप से मजबूत, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए कार्य करेंगे।”

     

    इस अवसर पर राज्यपाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के धनबाद विधानसभा क्षेत्र से तीन बार के विधायक राज सिन्हा को सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार भी प्रदान किया।

     

    सिन्हा ने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं यहां सर्वश्रेष्ठ विधायक के रूप में उपस्थित रहूंगा। इस पुरस्कार के लिए मुझे चुनने वाले सभी लोगों के प्रति मैं आभार व्यक्त करता हूं। मैं यह पुरस्कार धनबाद की जनता को समर्पित करता हूं। यह मुझे और भी मेहनत से काम करने की प्रेरणा देगा।’’

     

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड अपनी स्थापना के 25वें वर्ष का जश्न मना रहा है, लेकिन अभी भी गरीबी, कुपोषण और पिछड़ेपन से छुटकारा पाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

     

    उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने हर किसी को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के तहत हमने कई कदम उठाए हैं, जिनमें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास शामिल हैं। ये कदम भविष्य में मील का पत्थर साबित होंगे।’’

     

    राष्ट्र के लिए शहीद हुए झारखंड के सैनिकों के परिवारों को समारोह में सम्मानित किया गया। इसके अलावा, विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।

     

    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्यदेखभाल सुविधाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जतायी।

     

    उन्होंने कहा, “हमें अपनी मूलभूत जरूरतों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्यदेखभाल सुविधाएं, कानून-व्यवस्था, सड़कें और बिजली-पानी की आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। हमारे मुख्यमंत्री की दृष्टि 2050 तक एक विकसित झारखंड का है। इस लक्ष्य को पाने के लिए, सरकार को सभी को साथ लेकर चलना चाहिए।”

     

    विधानसभाध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सरकारी काम में प्रौद्योगिकी की तरक्की को अपनाने की वकालत की और लोगों की भागीदारी बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

     

    उन्होंने कहा, “लोगों का भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। लोगों का भरोसा कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक उपलब्धित है जिसे लगातार अर्जित किया जाता है।

    विपक्ष का उद्देश्य जनकल्याण और राज्य का विकास होना चाहिए: राज्यपाल सत्तापक्ष
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को घटाना पहली प्राथमिकता: नामित CJI जस्टिस सूर्यकांत
    Next Article जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन

    Related Posts

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    June 23, 2026

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    June 23, 2026

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    June 23, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    सूचना के अधिकार: सरकार के ‘अधूरे फैसले’ पर गलगली के सवाल

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 15 जिंदगियां राख

    कालिकापुर-बागों सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, पक्की सड़क निर्माण की उठी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.