जमशेदपुर में एड्स संकट गहराया ! होटल–रिसॉर्ट, ब्यूटी पार्लर और फर्जी लैब पर उठ रहे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
केंद्र और राज्य सरकार एड्स नियंत्रण के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन कुछ पदाधिकारियों की लापरवाही और निगरानी की कमजोरी के कारण झारखंड के कई जिलों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। अब इस चिंताजनक सूची में जमशेदपुर भी शीर्ष पर पहुँच चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार शहर में एड्स संक्रमण फैलने की प्रमुख वजहें होटल, रिसॉर्ट, ब्यूटी पार्लर और फर्जी पैथोलॉजी सेंटरों की मनमानी है, जहाँ बिना जांच के नाबालिगों और युवाओं को कमरा और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हजारीबाग के बाद जमशेदपुर झारखंड में दूसरे नंबर पर है, लेकिन स्थानीय जाँच केंद्रों की रिपोर्टें बताती हैं कि स्थिति आधिकारिक दावों से कहीं अधिक गंभीर है। कई जगहों पर पुलिस छापेमारी में पाया गया कि कम उम्र के लड़के–लड़कियों को बिना किसी सत्यापन और एचआईवी जांच के कमरे उपलब्ध कराए जा रहे थे। पकड़े जाने पर भी उन्हें औपचारिक कार्रवाई के बजाय केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया जा रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ रहा है।
कुछ रिसॉर्ट और फ्लैटों में देह व्यापार संचालित होने की जानकारी भी पुलिस और सामाजिक संस्थाओं तक पहुँची है, जो स्थिति को और भयावह बनाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी गतिविधियों पर सख्ती न होने के कारण एड्स संक्रमण का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2022–23 में झारखंड में सबसे अधिक एचआईवी संक्रमित जमशेदपुर में दर्ज किए गए। हाल के महीनों में रक्त संक्रमण में लापरवाही, फर्जी लैब से गलत रिपोर्ट, अनियमित निगरानी और अवैध गतिविधियों के चलते संकट और गहरा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता चेतावनी दे रहे हैं कि जब तक पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन समन्वित तरीके से कड़ी कार्रवाई नहीं करते, तब तक शहर में एड्स संक्रमण की वृद्धि को रोक पाना बेहद कठिन होगा ।

