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    Home » सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की एक से अधिक सीट से चुनाव लडऩे पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका
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    सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की एक से अधिक सीट से चुनाव लडऩे पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 3, 2023No Comments2 Mins Read
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    दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में उम्मीदवारों के एक साथ एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लडऩे पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह विधायी नीति का विषय है. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि उम्मीदवार कई कारणों से अलग-अलग सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. पीठ में न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला भी शामिल थे. पीठ अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की एक याचिका पर सुनवाई

     

     

    जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33(7) एक व्यक्ति को दो निवार्चन क्षेत्रों से किसी एक आम चुनाव या कई उपचुनावों में या द्विवार्षिक चुनाव लडऩे की अनुमति देता है. पीठ ने कहा कि उम्मीदवारों को एक से अधिक सीट से चुनाव लडऩे की अनुमति देना विधायी नीति का विषय है क्योंकि इस तरह का एक विकल्प देकर देश में राजनीतिक लोकतंत्र को आगे बढ़ाना आखिरकार संसद की इच्छा पर निर्भर करता है.

    उपाध्याय की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि यदि कोई प्रत्याशी दो सीट से चुनाव लड़ता है और दोनों पर उसकी जीत हो जाती है, तो उसे एक सीट छोडऩी होती है जिसके बाद उपचुनाव कराना जरूरी होता है और राजकोष पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है. उन्होंने कहा कि 1996 में किये गये एक संशोधन से पहले, उम्मीदवारों के चुनाव लडऩे के लिए सीट की संख्या की कोई सीमा नहीं थी. इस संशोधन में इस संख्या को दो तक सीमित कर दिया गया. पीठ ने कहा कि यह निर्णय संसद को लेना है कि एक उम्मीदवार एक से अधिक सीट से चुनाव लड़ सकता है, या नहीं.

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