इंटर कालेजों के बंद होने से छात्र परेशान, सत्र 2024-26 के छात्रों के लिए शिक्षा का भविष्य संकट में
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: झारखंड में इंटर कालेजों के बंद होने के फैसले से जहां एक ओर छात्रों में भारी निराशा और आक्रोश है, वहीं सत्र 2024-26 के छात्रों की शिक्षा भी संकट में आ गई है। इस मुद्दे को लेकर छात्र संगठन, जदयू और इंटरमीडियेट छात्र संघर्ष समिति ने जिला शिक्षा विभाग कार्यालय में तालाबंदी कर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई शिक्षा नीति के तहत 2026 तक तमाम स्कूलों को इंटर के स्तर तक अपग्रेड करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन राज्य सरकार ने सत्र 2024-26 में पढ़ाई कर रहे छात्रों को दूसरे स्कूलों और कालेजों में स्थानांतरित करने का आदेश जारी कर दिया है। छात्रों का आरोप है कि इस निर्णय से उनका लगभग छह महीने का समय बर्बाद हो सकता है, और उन्हें बिना सहमति के दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करना न्याय संगत नहीं है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जदयू के नेता हेमंत पाठक ने कहा, “हमने आज इस गंभीर समस्या से विभाग को अवगत कराया है। अगर इस पर जल्द कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हम आगे और बड़े आंदोलन की योजना बना सकते हैं।”

छात्रों की मांग है कि सत्र 2024-26 के सभी छात्रों को उसी कालेज में शिक्षा दी जाए, जहां उनका पहले से नामांकन हुआ है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना उनकी सहमति के ऐसा कदम उठाना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।

विभागीय अधिकारियों से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन छात्रों का कहना है कि अगर समस्या का समाधान जल्दी नहीं किया जाता, तो उनका विरोध और तेज होगा।

