नागोया, 23 अक्टूबर (भाषा) भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता ।
मोना ने 357 . 5 स्कोर करके इन खेलों में दूसरा स्वर्ण अपने नाम किया ।
इससे पहले विश्व रिकॉर्ड 356 का था जो स्वीडन की अन्ना बेंसन के नाम था। उन्होंने इस साल जुलाई में यह रिकॉर्ड बनाया था ।
चीन की झांग कुइपिंग ने 353 . 7 अंक लेकर रजत और दक्षिण कोरिया की किम मियुंग ने 344 . 4 अंक के साथ कांस्य पदक जीता । भारत की अवनि लेखरा 333 . 2 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही ।
38 वर्ष की मोना ने नीलिंग सीरिज में 101 . 4 के स्कोर के साथ शुरू किया और प्रोन के बाद स्कोर 203 . 5 हो गया । इसके बाद पहली दो स्टैंडिंग सीरिज में वह 256.5 और 307.3 तक पहुंची । आखिर में उन्होंने 317.7, 328.0, 338.1 और 347.7 के बाद कुल 357.5 स्कोर बनाया ।
पैरा निशानेबाजी में एसएच1 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके निचले या ऊपरी अंगों में कोई शारीरिक अक्षमता है लेकिन जो बिना किसी गन स्टैंड या सहारे के अपने हाथों से ही बंदूक का वजन संभाल सकते हैं।
मोना ने इससे पहले महिलाओं की दस मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में खेलों के रिकॉर्ड के साथ 250 अंक लेकर स्वर्ण जीता था जबकि लेखरा को रजत पदक मिला था ।
राजस्थान के सीकर में जन्मी और अब जयपुर में रहने वाली मोना को नौ महीने की उम्र में ही पोलियो हो गया था जिससे उनके दोनों पैर खराब हो गए और वह व्हीलचेयर पर निर्भर हो गई ।
विकलांगता के कारण सामाजिक उलाहना की परवाह किये बिना उन्होंने शॉटपुट, चक्काफेंक, भालाफेंक और भारोत्तोलन में भी हाथ आजमाये । दो बच्चों की मां मोना ने दिसंबर 2021 से निशानेबाजी शुरू की ।
उन्होंने क्रोएशिया में 2023 में विश्व कप में पदार्पण करके मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य जीता । दिल्ली में 2024 विश्व कप में उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतकर पैरालम्पिक का कोटा हासिल किया ।
पेरिस पैरालम्पिक में पदार्पण करके उन्होंने महिलाओं की दस मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में कांस्य जीता ।

