राष्ट्र संवाद संवाददाता संजय शर्मा
सरायकेला खरसांवा जिले अंतर्गत ईचागढ़ में अवैध बालू खनन और परिवहन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जिला पुलिस प्रशासन द्वारा जारी तमाम आदेश-निर्देश तमाम व्यवस्था के बावजूद रेत की ढेर साबित हुए , ओर काली रात के साये में बालू का अवैध कारोबार जारी रहने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि अवैध कारोबारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार, ईचागढ़ थाना क्षेत्र शोरो, बिडडीह ,जारागोडीह सहित अन्य अनधिकृत भंडारण स्थल से देर रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक करीब 80 से 100 भारी वाहनों से बिना चालान बालू का परिवहन धड़ले से किया जा रहा है। आरोप है कि ओवरलोड वाहनों से कथित तौर पर “मैनेज” के नाम पर नकद वसूली की जा रही है। चर्चा यह भी है कि अवैध बालू लोड वाहनों को बड़ाचूंचुनिया पेट्रोल पंप में वाहनों की गिनती ओर ओके के पश्चात ईचागढ़ थाना के प्राइवेट चालक गश्त वाहन सहित ,कुछ बिचौलियों और स्थानीय स्तर पर अवैध कारोबारियों जुड़े लोगों की मदद से वाहनों को सुरक्षित पार कराया जाता है। जिस दिन तमाड़ पुलिस रांची जमशेदपुर एनएच मार्ग पर चेकनाका लगती है तो दुमडांड ईचागढ़ मार्ग से परिवहन होता है.
मालूम हो कि वर्ष 2025 में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने पर तरुण महतो के साथ कथित पुलिसिया मारपीट का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद जिला पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। उस समय ईचागढ़ थाना क्षेत्र पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना था।
जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने पूर्व में चौका थाना में पदस्थापित स्वच्छ छवि के माने जाने वाले बजरंग महतो को ईचागढ़ थाना प्रभारी बनाया था। लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र में अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी। हालांकि अब फिर से अवैध बालू, लोहा और मादक पदार्थों के कारोबार को लेकर पुलिस पर संरक्षण देने के आरोप लगने लगे हैं।आज फिर एकबार अवैध बालू का हब ईचगढ़ थाना बना हुआ है.
ग्रामीणों के अनुसार, पुरानडीह उत्क्रमित विद्यालय परिसर में भी अवैध बालू का भंडारण किया गया था। अवैध कारोबारियों ने सरकारी स्कूल को भी नहीं छोड़ा. ग्रामीणों के दबाव के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लगभग 8 हजार सीएफटी बालू जब्त किया था। लेकिन आरोप है कि बाद में रातोंरात फिर बालू हटाया और भंडारण किया गया। इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं,की बिना मिलीभगत के कुछ भी संभव नही .
इधर, 20 मई की रात ईचगढ़ के बामुंडीह में पश्चिम बंगाल निर्मित अवैध शराब की खेप उत्पाद विभाग द्वारा जब्त किए जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबारियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
फिलहाल ईचागढ़ क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आम जनता अब जिला उपयुक्त ओर नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक,पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर तमाम अवैध कारोबार बंद करवाए जाने की मांग कर रहे है.

